लक्षेश्वर यादव/जंगगरी चांपाः जांजगीर चांपा जिले में लगातार मौसम के बदलाव से लोगों के जीवन पर काफी असर पड़ रहा है। वर्षा का कारण तापमान कम होता है, तो कुछ समय बाद सूरज की किरणें देखने से लोगों को भारी गर्मी का सामना करना पड़ रहा है। इसके साथ ही जिले में रोजाना खराब पानी पीने का कारण बनता है 5- 6 डायरिया के मरीज भी मिल रहे हैं. जिसके चलते जिला अस्पताल में ईलाज के लिए रोज-रोज की भीड़ रहती है। वर्तमान में मरीजों की संख्या अधिक होने के कारण बेड फुल हो गया है।
आपको बता दें, कि वर्तमान में जांजगीर जिले के अस्पताल में रोज़ाना में 250 से 300 मरीज ईलाज करवा रहे हैं. वहीं सेवा भी 50- 70 लोग ईलाज के लिए आते हैं. जिला अस्पताल होने के कारण सबसे बड़े सरकारी अस्पताल के कारण आसपास के ग्रामीण लोग भी बेहतर इलाज के लिए जिला अस्पताल आते हैं। यही कारण है कि जनसंख्या की जनसंख्या बढ़ती जा रही है। वर्तमान जिला अस्पताल में 100 बिस्तर के अस्पताल में बिस्तर की संख्या 130 के बंद हो गए कपड़े फिर भी बिस्तर फुल हैं।
गंभीर समस्या में रोगी इमर्जेसी भर्ती
इस संबंध में सिविल इंजीनियर डॉ. अनिल जगत ने बताया कि गरीबों की संख्या अधिक होने से कई बार बेड फुल हो जाते हैं। लेकिन कई बार बड़े पैमाने पर गंभीर मरीज़ों को इस समूह में भर्ती किया जा रहा है, इसके साथ-साथ बिस्तर पर इलाज भी जरूरी है। और जांजगीर में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पुराना जिला अस्पताल) में भी मरीजों की सुविधा की बात कही गई है।
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पहले प्रकाशित : 3 अक्टूबर, 2023, 20:36 IST
