
नेपाल: एक घंटे में दो बार आया भूकंप, कई इमारतें क्षतिग्रस्त
नेपाल में भूकंप: नेपाल में मंगलवार दोपहर 2.40 बजे भूकंप के झटके महसूस हुए। इस भूकंप का झटका दिल्ली- मुस्लिम तक महसूस हुआ। मंगलवार के दिन एक घंटे में दो बार नेपाल में भूकंप का झटका आया। पहला भूकंप दोपहर 2.25 बजे और दूसरा 2.51 बजे आया। नेपाल में भी भूकंप के झटके इतनी तेजी से थे कि डर की वजह से लोग घर और रेस्तरां से बाहर निकल आए। नेपाल के राष्ट्रीय भूकंप पर्यवेक्षण और अनुसंधान केंद्र के अनुसार भूकंप की रिपोर्ट 6.2 रही। नेपाल में आए भूकंप के तेज झटकों से कई दुकानें क्षतिग्रस्त हो गई हैं। कई इमारतों को नुकसान का खतरा है। भूकंप के बाद सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि भूकंप के बाद कई इमरानों में धमाके के साथ ही नुकसान हो गया है।
नेपाल के इन इलाक़ों में भूकंप से हिली धरती
नेपाल के राष्ट्रीय भूकंप निगरानी और अनुसंधान केंद्र के अनुसार इस भूकंप के संकेत दिल्ली-राजधानी तक महसूस किए गए। भूकंप केनगर की राजधानी काठमांडू के साथ-साथ इसके पड़ोसी जिले डोटी, अखाम, बाजुरा और सुदूर पश्चिम प्रांत के अन्य क्षेत्र में भी महसूस किया गया। गए।
दिल्ली के डॉक्टरों को भी लगा भूकंप के झटके
नेपाल में मंगलवार को आए भूकंप के झटके दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में भी महसूस किए गए, जिससे सुपरमार्केट में हड़कंप मच गया। दिल्ली-साम्राज्य सहित यूपी के कई देशों में भी भूकंप की सूचना। नेपाल के पास भूकंप का केंद्र बताया जा रहा है। रिक्टर स्केल पर भूकंप की गति 6.2 मापी गई। नेशनल सेंटर फोर सिस्मोलॉजी के अनुसार यह तेज भूकंप का केंद्र धरती के 5 किमी अंदर है।
इन राज्यों में लगे इंजिन
नेपाल में आए इस भूकंप के झटके दिल्ली, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हरियाणा, पंजाब और राजस्थान में भी महसूस किए गए। बता दें कि अगर रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 5.4 से अधिक रहती है तो यह घातक स्तर का भूकंप माना जाता है। अब तक इस भूकंप से जान-माल की बड़ी क्षति की जानकारी नहीं मिली है। हालाँकि, नेपाल में कुछ घरों के ढाहने की खबर है। अधिक जानकारी की अब भी प्रतीक्षा करें। भूकंप का खतरा इतना था कि अलग-अलग इलाकों में लोग बड़ी संख्या में अपने-अपने घरों से बाहर निकल आये। देश के विभिन्न देशों के सामने से लोगों के डर कर घर से बाहर के वीडियो निकल कर आ रहे हैं। स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया भी भूकंप के झटकों के कारण भवन निर्माण के लिए अन्य लोगों के साथ सेंट्रल से बाहर निकल आए।
