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वादियां, स्वर्ग जैसा नजारा….फिर भी रंगीन का हुआ मोहभंग, जानें बेरीनाग की कहानी


विनोद जोशी/पिथौरागढ़.पिथौरागढ़ जिले में ऐसे कई प्रकृति के खूबसूरत खजाने बिखरे हुए हैं, जहां समय-समय पर सभी भूमिगतों का ख्वाब होता है और प्रकृति की दृष्टि से जगह-जगह लोग अलौकिक दिखते हैं। एक ऐसी ही खूबसूरत जगह है नागबेरी, जिसके बारे में आज हम बात कर रहे हैं। नागबेरी सुपरमार्केट जिले की तहसील जो जिला मुख्यालय से 87 किमी दूर है। यहां पहुंचने के बाद जो नजारा देखने को मिलता है उसकी कल्पना सीधे स्वर्ग से हो जाती है।

नागबेरी से ही मिलता है विशाल चौकोड़ी जो उत्तराखंड के प्रमुख पर्यटन स्थलों में से है, लेकिन यहां हरियाली के अभाव में पर्यटन स्थल कम ही स्टॉकोड हैं। यहां से नंदादेवी और पंचाचूली का विहंगम दृश्य किसी को भी अपनी ओर आकर्षित कर लेता है, बस जरूरत है तो पर्यटन को बढ़ाने के लिए पर्यटन को ध्यान में लाने की।

होम स्टेट हो सकता है अच्छा विकल्प
यहां पहाड़ी सभ्यता से बने पैरामरिक घर में लोग होम स्टे की सुविधा शुरू कर सकते हैं जो कि ज्वालामुखी को काफी पसंद आते हैं। यहां के स्थानीय निवासी कपिल पंत कहते हैं कि बेरीनाग में कई ऐसे धार्मिक स्थल और प्राकृतिक प्राकृतिक विविधताएं हैं जो यहां के लोगों को बहुत पसंद आती हैं लेकिन सुविधाओं की कमी के कारण यहां पर्यटन ज्यादा नहीं रुकता है।

चाय के लिए प्रसिद्ध था बेरीनाग
नागबेरी जंगली पहाड़ों के शिखर पर बसा हुआ है जो कभी अपनी चाय के लिए जाता था। यहां की चाय की रसोइये की शख्सियत तक जादू जादूगरती थी। यहां के जंगल और हिमालय का अद्भुत दृश्य काफी पसंद किया जाता है। यहां पर्यटकों के शौकीनों के लिए भी कई जगह हैं लेकिन टूरिस्ट रोड की दोस्ती और रहने की सुविधा यहां शामिल नहीं होती है। यहां के पर्यटक आकर्षणों में शामिल हैं, जो कि उत्तराखंड के पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र हैं।

टैग: जीवन18, पिथौरागढ समाचार, यात्रा 18, उत्तराखंड समाचार



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