निखिल कौशिक/सहारनपुर। मोबाइल फोन आज के समय में इंसान की बहुत बड़ी जरूरत बन गई है। लेकिन इसके प्रभाव से भी बचना जरूरी है। विशेषज्ञ का मानना है कि छोटे बच्चों के लिए मोबाइल की लैट से दूर तक नजर रखना बेहद जरूरी है। क्योंकि छोटे बच्चों को मोबाइल देखने से कुछ खतरनाक विकार हो सकते हैं। यदि अधिक समय तक देखा जाए तो छोटे बच्चों का कार्टून व गेम, तो यह बच्चों की सेहत के लिए बेहद खतरनाक साबित हो सकता है।
असाध्य के अवलोकन रोग विशेषज्ञ मनु तनेजा ने बताया कि स्वास्थ्य के लिए दो घंटे से अधिक समय तक मोबाइल देखने से कोई फायदा नहीं होता। उन्होंने बताया कि बच्चे, वयस्क या उम्र के सभी लोगों के लिए यह बात लागू होती है कि स्वस्थ रहने के लिए मोबाइल का कम से कम समय लें। लगातार दो घंटे से अधिक मोबाइल देखना स्वास्थ्य के लिए खतरनाक साबित हो सकता है। उन्होंने बताया कि मोबाइल फोन से लावारिस तरंगें इंसान ही नहीं बल्कि अन्य जीव जंतुओं के लिए भी शारीरिक रूप से संचालित होती हैं।
दो साल से कम उम्र के बच्चे की पहुंच से मोबाइल फोन की दूरी
जिला अस्पताल में नियुक्त आई स्पेशलिस्ट डॉक्टर मनु तनेजा ने बताया कि दो साल के बच्चे को मोबाइल पर क्या कीमत देनी चाहिए। उन्होंने बताया कि यदि किसी कारण से बच्चा मोबाइल देखना बंद कर देता है, तो उसे किसी अन्य के लिए प्रतिबंधित कर दें। डॉक्टर ने बताया कि जैसे किसी पार्क में घूमने के लिए, बाज़ार में घूमने के लिए, बच्चों को लालायित करें। जिससे कि उसके मन में दूसरी जगह के लिए जगह बनी रहे। उन्होंने बताया कि बच्चों के स्वास्थ्य और सेहत के लिए हर हाल में मोबाइल देखने का समय बेहद जरूरी है।
माता-पिता के माता-पिता
नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉक्टर मनु तनेजा ने बताया कि बच्चों में मोबाइल देखने की लत बहुत ज्यादा देखी जा रही है। लेकिन तूफ़ान को इस और ध्यान देना होगा और बच्चों के संगीत का समय कम करना होगा। उन्होंने बताया कि इसके अलावा माता-पिता के अलावा अपने बच्चों का समय-समय पर नजर बनाए रखें। क्योंकि बच्चों के नज़दीक मोबाइल देखने से परेशानी देखने में आ रही है। इसलिए अपने बच्चों की हर गतिविधि पर नजर रखें और समय-समय पर आंखों की जांच और चश्मे के नंबर की जांच करते रहें।
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पहले प्रकाशित : 3 अक्टूबर, 2023, 08:47 IST
