
मार्नस लाबुशेन
ऑस्ट्रेलियाई टीम के लिए मार्नस लाबुशेन बन सकते हैं तुरुप का इक्का : आईसीसी वर्ल्ड कप 2023 के शुरू होने में कुछ ही घंटे का समय बचा है। सभी परीक्षाओं की तैयारी अब पूरी हो चुकी है, रणनीति बनाने का काम जारी है। पांच अक्टूबर यानी अब से कुछ घंटे बाद मान्य विश्व कप की शुरुआत होगी। पहले दिन इंग्लैंड और न्यूजीलैंड का रिकॉर्ड सामने आया। ऐसा हुआ है, क्योंकि जब साल 2019 में विश्व कप का फाइनल खेला गया था, तब दो टीमों के बीच सबसे बड़ा मैच हुआ था। जहां इंग्लैंड ने न्यूजीलैंड को मात देकर कब्जा कर लिया था। इस बीच ऑस्ट्रेलियाई टीम ने अभी कुछ दिन बाद ही अपना पहला मैच खेला होगा, लेकिन इससे पहले उसे एक ऐसा मैच विनर मिला था, जिसके बारे में किसी ने शायद ही ज्यादा सोचा हो।

आईसीसी विश्व कप 2023 ऑस्ट्रेलिया शेड्यूल
ऑस्ट्रेलियाई टीम ने अभ्यास मैचों का भव्य लाभ दिखाया
विश्व कप 2023 से पहले सभी टीमों के दो-दो अभ्यास मैच मिले थे। जहां एक ओर टीम इंडिया के दोनों मैच बारिश के कारण डूब गए, वहीं ऑस्ट्रेलिया को दोनों मैच का मौका मिल गया। ये बात और है कि पहला मैच जो नीदरलैंड के खिलाफ खेला गया, वो रेन के कारण पूरा नहीं हुआ, लेकिन पाकिस्तान का मुकाबला पूरा हुआ। इससे पहले ऑस्ट्रेलिया टीम ने भारत के खिलाफ तीन मैचों की सीरीज भी खेली थी। ऑस्ट्रेलिया वर्ल्ड कप स्क्वाड में अचानक से जिस खिलाड़ी की एंट्री हुई, वो हैं मार्नस लाबुशेन। जब क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया की ओर से विश्व कप के लिए स्क्वाड की शुरुआत हुई, तो उसमें मार्नस लाबुशेन नहीं थे। लेकिन इससे पहले दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ़ फ़ोर्ड सीरीज़ में वे अचानक से टीम में आ गए हैं और छा गए हैं। इसके बाद संभावना जताई जा रही थी कि वे वर्ल्ड कप की टीम में शामिल हो सकते हैं। इसी के बीच एश्टन एगर सिसिली चले गए और उनकी जगह मार्नस लाबुशेन की एंट्री टीम में जगह ले ली गई।

आईसीसी विश्व कप 2023 के लिए ऑस्ट्रेलिया क्रिकेट टीम
मार्नस लाबुशेन बैट्समैन और बॉल से दे सकते हैं टीम के लिए बड़ा योगदान
मार्नस लाबुशेन की तरह तो मिडल मैनचेस्टर के बल्लेबाज के तौर पर कथित तौर पर जाने जाते हैं, लेकिन वे स्पिन भी कर लेते हैं। पाकिस्तान के खेले गए और अभ्यास मैच में मार्नस लाबुशेन ने जबरदस्त गेंदबाजी की। मार्नस लाबुशेन ने 8.4 ओवर की गेंदबाजी की और 78 रन पर तीन विकेट झटके। एश्टन एगर को भी टीम में जगह मिली थी, क्योंकि वे भारतीय पिचों पर क्रांतिकारी साबित हो सकते थे। अब वही काम मार्नस लाबुशेन को करना होगा। अभी तक जो प्रैक्टिस मैच खेले गए हैं, उसमें बताया गया है कि तेज गेंदबाज भारतीय पिचों पर ज्यादा कमाल नहीं कर पा रहे हैं, ऐसे में जीत की चाभी स्पिनर्स के हाथ में होगी। जिस टीम के स्पिनर मिडल ओवर्स में विकेट निकालेंगे, उस टीम की जीत की सबसे बड़ी मंजूरी होगी।
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