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कभी दादा जी काॅलिन्स थे ठेला, अब पोटा एक ही काम से आया लाखों, चीनी हलवाई के नाम से है फेमस


आकाश गौड़/मुरैना. चीनी हलवाई की जायके की महक पूरे जिले में छपी है। मुरैना जिले में चीनी हलवाई गोदाम की दुकान रेलवे स्टेशन के पास है। यह दुकान 100 साल पहले एक ठेले से शुरू हुई थी और तब से लेकर आज तक रोजाना यहां लोगों का तांता लगा हुआ है। बेकार दुकान पर समोसा, पूड़ी, पकौड़ी, जलेबी, बेड़ई, कचौरी, दाल बाटी, ब्रेड पकौड़ा इनके साथ अन्य कई मसाले जैसे मटर पनीर और आलू घोंटा की सब्जी और खट्टी मिठाइयाँ के साथ लोग खाना पसंद करते हैं.

हमारे दादा जी जो लोग चीनी हलवाई के नाम से जानते थे। वह 100 साल पहले समोसे का ठेला स्टेशन के सामने क्लाइंड था लेकिन अब हम सन 1984 से यह दुकान बेकार है जब से यहां दुकान संचालित की जा रही है। इनमें यहां समोसा 10 रुपये का एक, बेदै 10 रुपये की एक प्याज और कचौरी 15 रुपये की एक जोड़ी है जो काफी शुरुआती में है। इसके अलावा अन्य कई प्रकार के स्नैक्स भी उपलब्ध हैं।

100 साल से अधिक का स्वाद है
अग्रवाल ने बताया कि शहर का आधार लगभग 100 वर्ष पुराना हो गया है। तब से ही दादा जी ने ठेला लगाना शुरू कर दिया था जिसके बाद मेरे पिता जी ने दुकान खोली थी पापा जी के बाद दुकान में मैं और मेरा भाई दोनों ने मिलकर आज भी हम उसी स्वाद को बरकरार रखते हैं और लोगों को पसंद भी कर रहे हैं है. उन्होंने बताया कि हमारी यह दुकान सुबह 5 बजे खुल जाती है और हमारे हलवाई आ जाते हैं, इनके साथ हम खुद भी काम में हाथ बंटाते हैं, इसी वजह से सुबह ही ताजी सब्जी और नाश्ता तैयार हो जाता है और शाम 7 बजे लोग नाश्ता करने आ जाते हैं। . उन्होंने बताया कि इस बिजनेस को हम आगे बढ़ा रहे हैं, इसमें हमारी अच्छी कमाई हो रही है और हम इस दुकान पर 10 से 15 लोगों को रोजगार भी दे रहे हैं।

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पहले प्रकाशित : 4 अक्टूबर, 2023, 13:04 IST



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