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जस्टिन ट्रूडो के तेरहवें पड़े सुपरस्टार, अब भारत से संतुष्ट होना चाहते हैं विवाद, प्राइवेट मीटिंग की इच्छा


ओटावा: कनाडा अपने यहां सिख अलगाववादी नेता हरदीप सिंह निज्जर की हत्या के बाद भारत के साथ कैथोलिक विवाद को लेकर नई दिल्ली के साथ निजी बातचीत चाहता है। कनाडा की विदेश मंत्री मेलानी जोली की ओर से मंगलवार को यह बयान सामने आया, जब भारत ने ओटावा से अपने 41 देशों को वापस बुलाने का मसौदा जारी किया। नाज़ुक टाइम्स के मुताबिक, भारत ने कनाडा से कहा है कि उन्हें 10 अक्टूबर तक डॉक्यूमेंट्स को वापस बुलाना होगा।

समाचार एजेंसी रॉयटर्स द्वारा यह पूछे जाने पर कि नई दिल्ली कैनेडियनों को डिपोर्ट करने वाली रिपोर्ट क्या है? ना तो विदेश मंत्री मेलानी जोली और ना ही प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने दिया स्पष्ट जवाब। जोली ने वाल्स से कहा, ‘हम भारत सरकार के संपर्क में हैं। हम कैनेडियन गैजेट्स की सुरक्षा को बहुत सारे चयन से लेते हैं और हम निजी तौर पर निजी तौर पर बातचीत करना जारी रखते हैं। क्योंकि हमारा मानना ​​है कि बातचीत तब सबसे अच्छी होती है जब यह निजी तौर पर होती है।’

जस्टिन ट्रूडो के अवशेष के बाद कलाकार बने भारत-कनाडा संबंध
हाल ही में जस्टिन ट्रूडो ने अपने देश की संसद में एक बयान में कहा था कि इस साल जून में कनाडा में सिख कट्टरवादी नेता और कनाडाई नागरिक हरदीप सिंह निज्जर की हत्या में भारतीय सरकारी संगठन का हाथ था, जिसे भारत ने ‘आतंकवादी’ कहा था। कर दिया था. कनाडा के इस संदेह पर दोनों देशों के बीच गठबंधन संबंध गंभीर रूप से अलग हो गए हैं। भारत ने यह आरोप लगाया कि बेतुका को नौकरी से बर्खास्त कर दिया गया है।

जस्टिन ट्रूडो के तेरहवें पड़े सुपरस्टार, अब भारत से संतुष्ट होना चाहते हैं विवाद, प्राइवेट मीटिंग की इच्छा

भारत ने कनाडा के 41 लोकतंत्रों को देश छोड़ने के लिए कहा
आर्टिस्ट टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, भारत ने कनाडा के 41 डॉक्युमेंट्स को 10 अक्टूबर के बाद देश में रहने पर उनके डॉक्युमेंट्स को रद्द करने की चेतावनी दी है। कनाडा के भारत में 62 लोकतंत्र हैं। इससे पहले भारत ने 22 सितंबर को कनाडा के लोगों के लिए नए इंजीनियर को सस्पेंड कर दिया था और ओटावा से देश में अपनी डॉक्यूमेंट्री कम करने को कहा था। कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने कहा कि ओटावा विवाद का कोई समाधान नहीं है।

कनाडा में भारतीय राजनायकों के खिलाफ ‘हिंसा का सम्राट’
उन्होंने कहा, ‘हम इसे बेहद नामांकित से ले रहे हैं, लेकिन हम भारत सरकार के साथ जिम्मेदारी के तौर पर असहज और आश्वस्त रूप से बातचीत जारी रखते हैं।’ भारतीय विदेश मंत्री सुब्रह्मण्यम जयशंकर ने कुछ दिन पहले कहा था कि कनाडा में भारतीय लोकतंत्रों के खिलाफ ‘हिंसा और खतरनाक का समुद्र’ है, जहां समानतावादी विचारधारा की सीख ने नई दिल्ली को निराश किया है। जयशंकर ने कहा कि कनाडा में खालिस्तानी चरमपंथियों की सरकार से मुलाकात हो रही है।

टैग: कनाडा समाचार, विदेश मंत्री एस जयशंकर, जस्टिन ट्रूडो, खालिस्तानी आतंकवादी



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