बिट्टू सिंह/अंबिकापुर: सरगुजा जिले के लखनपुर वन परिक्षेत्र में हाथियों के झुंड का आतंक देखने को मिल रहा है। देर रात पटकुरा क्षेत्र में 13 हाथियों ने किसानों के खेतों को मंगलवार को नुकसान पहुंचाया। क्षेत्र में करीब 5 दिनों से हैथियों का उत्पादन जारी है। वहीं, वन विभाग पर आरोप लगाया गया है कि हैंडियों की यात्रा से संबंधित किसी भी तरह की सूचना को नहीं दिया जा रहा है, विभाग के कर्मचारी भी नादारद हैं। जिससे बड़ा हादसा होने की संभावना बनी रहती है।
रिवोल्यूशन ने बताया कि सरगुजा में बड़ी मुश्किल से किसान किसी तरह से धान उगा रहे हैं, और अब फसल पूरी तरह से खेत में पककर तैयार भी हो गई है। लेकिन हैंडियों का दल गांव में ग्यान सीम टूट रहा है। जिससे कि अब किसानों की मेहनत पर पानी फेर रहे हैं।
मूर्ति का आरोप क्या है?
वन विभाग द्वारा धान के विनाश का नुकसान भी कम किया जा रहा है, हाथियों द्वारा नुकसान पहुँचाया गया समुद्र के विनाश का नुकसान वन विभाग द्वारा 9 हजार रुपये प्रति शेयर किया जा रहा है। जबकि छत्तीसगढ़ शासन के निर्धारित मूल्य के हिसाब से धान की बिक्री 25-30 हजार रुपये प्रति निर्धारित है।
रेंजर ने फ़ोन रिसीव नहीं किया
वन विभाग पर लगाए गए आरोपों की जांच के लिए क्षेत्र के रेंजरों से उनके मोबाइल फोन पर संपर्क करने का भी प्रयास किया गया। लेकिन उन्होंने फोन करके रिसीव नहीं किया।
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पहले प्रकाशित : 4 अक्टूबर, 2023, 17:31 IST
