बिट्टू संखं/अंबिकापुरः सूरजपुर जिले में संचालित संयुक्त संवेदना योजना में लगातार विकलांग शिक्षक परिवार को संबल प्रदान किया जा रहा है। पिछले दो महीने में तीन वंचित शिक्षक के परिवार को एक-एक लाख रुपए की संवेदना राशि दी गई। इस योजना के तहत जिले के किसी भी शिक्षक की आकस्मिक मृत्यु के लिए उनके पैनल को एक लाख रुपये की संवेदना राशि समिति द्वारा बनाया जा रहा है। इस संस्था के साझीदार त्रिपिटक ने कहा कि इसका गठन कोरोना काल के दौरान किया गया था। संस्था की शुरुआत में 890 इंजीनियरों का सहयोग था, जिसमें अब लगभग 1275 सदस्य शामिल हो गए हैं। प्रत्येक सदस्य वर्ष के 500 रुपये समिति में जमा करते हैं। इसके लिए ग्रामीण बैंक में भी खाता खोला गया है। तीन में 11 विद्युत परिवार को इस योजना के तहत वर्ष समिति द्वारा संचालित किया जाता है।
संयुक्त संवेदना समिति के सदस्य साझीदार त्रिपिटक ने सुझाव दिया कि हम सभी लोग मिलकर जिले में एक समिति बनायें ताकि किसी भी शिक्षक के साथ कोई दुर्घटना हो जाये, तो उनके परिवार को सहयोग मिल सके। इस योजना को बनाने की योजना पहले से ही थी, क्योंकि हम लोग शिक्षाकर्मी सन्मार्ग में थे। इसलिए हमारा वेतन भी बहुत कम था। वह भी 4 या 6 माह की यादें थीं. इस बीच किसी शिक्षक मित्र के घर आकस्मिक दुर्घटना हुई, तो वास्तव में काफी परेशानी हुई थी। इसलिए इस योजना को हम लोगों ने कोरोना काल में प्लांट के सहयोग से बनाया।
इंस्टिट्यूट की एसोसिएशन सहायता से योजना की शुरुआत
हालाँकि तब तक हमारी संविलियन के वेतन में वृद्धि हुई लेकिन हम सभी जिस स्थिति में पहुँच गए हैं, हमारी जिम्मेदारी भी बढ़ गई है। बच्चा बड़ा हो गया है और सारी ज़िम्मेदारी है। कुल मिलाकर वेतन में वृद्धि हुई। इसलिए हमारे पास कोई जमा स्थान भी नहीं है, अचानक किसी भी शिक्षक मित्र के यहां दुर्घटना हो जाए कुछ कर मित्र। इसलिए हम सभी लोगों ने इस योजना की शुरुआत और इसकी शुरुआत के लिए एक लाख रुपये नहीं दिए, बल्कि हम सभी दोस्त अपने सभी शिक्षकों के घर तक पहुंच सके। तीन साल में अब तक 11 लाख रुपये का इस योजना के अंतर्गत शिक्षक साथियों का सहयोग किया गया है।
.
टैग: अम्बिकापुर समाचार, छत्तीसगढ़ खबर, स्थानीय18
पहले प्रकाशित : 4 अक्टूबर, 2023, 10:58 IST
