
जिम्बाब्वे में फ़ोटो कालरा की बीमारी।
दशकों पहले दुनिया भर में मौत का तांडव मचाने वाली हैजा की बीमारी फिर से लौट आई है। हैजा यानि जिसे कॉलरा के नाम से भी जाना जाता है। हालाँकि यह बीमारी अभी पूरी तरह से ठीक नहीं हुई थी, लेकिन इसके मरीज़ की संख्या, नाम, मात्रा की पहचान की गई थी। मगर जिम्बाब्वे में कॉलरा के ख़ार ने एक बार फिर विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्लूडब्लू) सहित पूरी दुनिया को चौंका दिया है। रिपोर्ट के मुताबिक जिम्बाब्वे में पिछले महीने के फाइनल से अब तक 100 संदिग्धों की मौत हो गई है। जबकि 5000 से ज्यादा मामले सामने आए हैं।
जिम्बाब्वे में इतने बड़े पैमाने पर इस बीमारी के शिकार के बाद सरकार ने इसे रोकने के लिए अंतिम संस्कार में लोगों की संख्या को सीमित कर दिया और प्रभावित क्षेत्रों में कार्यक्रम पर रोक लगा दी जिसमें कई पाबंदियां लगाई गई हैं। सरकार ने इसकी जानकारी दी। स्वास्थ्य मंत्रालय ने शनिवार को मृतकों की संख्या की घोषणा की और कहा कि जांच के आधार पर 30 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। मंत्रालय ने कहा कि हैजा के 905 मामलों की पुष्टि हुई है। जबकि 4609 इस बीमारी के संदिग्ध मामले हैं।
क्या हैजा
हैजा जलजनित बीमारी है जो गंदगी वाले क्षेत्र में फैलती है। यह बीमारी बेकार पानी या भोजन ग्रहण करने से होती है। जिम्बाब्वे में साफ-सुथरी सुंदरता की समस्या है। मणिकलैंड और मासविंगो प्रांतों में सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्रों में अंतिम संस्कारों में शामिल होने वालों की संख्या 50 तक सीमित कर दी गई है। सरकार ने कहा है कि लोगों को एक-दूसरे का हाथ नहीं मिलाना चाहिए और भोजन पर अंतिम संस्कार के लिए जहर नहीं देना चाहिए। सरकार ने यह भी कहा कि लोगों को खुले बाजार में नहीं जाना चाहिए, उन्हें सामाजिक कार्यक्रमों में भी नहीं जाना चाहिए। फिर से सर उठाती हैजा ने दुनिया के अन्य देशों में भी तबाही मचा दी है। (पी)
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