Homeछत्तीसगढ़महादेव बेटिंग ऐप घोटाला भिलाई का युवा लड़का सौरभ चंद्राकर बना बेटिंग...

महादेव बेटिंग ऐप घोटाला भिलाई का युवा लड़का सौरभ चंद्राकर बना बेटिंग किंग रणबीर कपूर ईडी-न्यूज़18 हिंदी


अग्निवेश शर्मा
महादेव ऐप ऑनलाइन बेटिंग केस की शुरुआत एक ग्रैंड वेडिंग से शुरू हो गई है, जिसमें बॉलीवुड के नामी-गिरामी कलाकार के साथ और कई शिष्यों की थी। इस शादी में एक रिपोर्ट के मुताबिक, 200 करोड़ रुपये से भी ज्यादा पैसा पानी की तरह बहाया गया था। इस शादी में शामिल होने के बाद ही सितारों की जांच के नतीजों का सामना करना पड़ रहा है। यह महादेव ऐप के प्रमोटर सौरभ चंद्राकर की शादी थी, जिसने महादेव बुक ऑनलाइन लॉटरी के नाम पर अवैध सट्टेबाजी का ऐसा मायाजाल मारा और जिसमें मायानगरी के सितारे फंस गए। मनी लॉन्ड्रिंग केस से जुड़े इस मामले में अब ईडी ने बिगस्टेप शेयर बाजार को समन जारी करना शुरू कर दिया है। इस एपिसोड में सबसे पहला नाम अभिनेता अभिनेता कपूर का सामने आया है, जिसमें ईडी एजेंसी ने 6 अक्टूबर को जारी समन जारी कर पूछताछ के लिए बुलाया है। एण्ट्राम कपूर ने भी सौरभ चन्द्राकर की शादी में की थी टीचर की शादी।

माना जा रहा है कि पूछताछ में ईडी अपनी शादी में शामिल हो रही है, फॉर्म करने और अंतिम संस्कार करने से लेकर कई पूछताछ हो सकती है। ऐसा नहीं है कि सिर्फ एक्टर कपूर ही ईडी के समर्थक हैं। जानकारी के मुताबिक, बॉलीवुड से जुड़े कई नाम बड़े ईडी के नाम पर हैं, रैना आने वाले समय में ईडी पूछताछ कर सकती है। जिन स्टार्स पर पैसा लगाया जा सकता है, उन पर महादेव ऐप पर ऑनलाइन सट्टे का बिजनेस करने वालों के साथ पैसे कमाने का आरोप है। एक रिपोर्ट के मुताबिक, महादेव ऐप के प्रमोटर की शादी में डेट वाली को शामिल करने के लिए करोड़ों का भुगतान किया गया था। साथ ही मनी लॉन्ड्रिंग के विदेश और प्राइवेट जेट में जमकर मस्ती भी हुई थी। इस मामले में ईडी ने महीने भर में कई शहरों में छापे मारे थे, जिनमें करोड़ों की भारी-भरकम नकदी के साथ ईडी को कई अहम इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य भी मिले थे.

महादेव ऐप केस: महादेव ऐप केश में एक्टर कपूर की तलब क्यों हुई, ईडी ने आखिर क्या कहा शक? अल्लाह ने सब को बताया

महादेव बुक ऑनलाइन सट्टे का सबसे बड़ा प्लेटफॉर्म माना जा रहा है, जिसका नेटवर्क कोलकाता, भोपाल, मुंबई समेत देश के कई राज्यों के अलावा दुबई और कई देशों में फैला हुआ है। यह ऑनलाइन अवैध सट्टेबाजी का खेल जहां से शुरू हुआ, वह है छत्तीसगढ़ का भिलाई शहर है. महादेव बुक का कर्ताधर्ता और इसके प्रतिष्ठित भंडार वाले सौरभ चंद्राकर भिलाई में रहने वाले हैं, जिन्होंने कोरोनाकाल से पहले दुबई से लिंक जुगाड़कर महादेव बुक की शुरुआत की और ऐसा निर्माण किया कि महादेव बुक सबदे बड़ा ऑफ़लाइन प्लेटफ़ॉर्म बन गया।

सौरभ चन्द्राकर अकेले नहीं

इस खेल में सौरभ चन्द्राकर अकेले नहीं हैं। सौरभ चंद्राकर के सबसे करीबी रवि उत्पल हैं, जिन्हें महादेव पुस्तक में सेकेंड मैन और सौरभ का हाथ बताया गया है। तीसरे बड़े का नाम है राज गुप्ता. इसे सौरभ चंद्राकर के मित्र ने कहा था क्योंकि भिलाई में महादेव पुस्तक सबसे ज्यादा इसी के पास थी। भिलाई में महादेव की जड़ के पीछे राज गुप्ता का ही दिमाग था। राज गुप्ता पहले 10 हजार रुपए महीने कपड़े की दुकान में काम करते थे। महादेव पुस्तक में चौथा बड़ा नाम नितीश दीवान है। ये भी भिलाई के आलोकनगर क्षेत्र का रहने वाला है। राज गुप्ता के माध्यम से उनके मित्र सौरभ चंद्राकर से हुई थी। बताया जाता है कि सौरभ को नीतीश इतना पसंद आया कि वो उन्हें अपने साथ दुबई ले गए, जहां उन्होंने बॉलीवुड के बड़े एक्टर्स के साथ मिलकर नया सट्टा ऐप लॉन्च किया।

पाकीस्तानी और स्वदेशी इनवेर्ट भी शाम फाइल
सौरभ चंद्राकर और उनके साथियों के नाम कई धाराओं में दर्ज हैं। अब तक की जांच में सामने आया है कि ऑनलाइन सट्टा किंग कहे जाने वाले बोर और रवि के पाकिस्तानियों से जुड़े हुए हैं। दोनों ने दुबई में प्रवेश करने के बाद दो पाकिस्तानियों से संपर्क किया और उन्होंने करोड़ों रुपये के निवेश निवेशकों के साथ मिलकर मेगा बिजनेस का आयोजन किया। महादेव बुक का नेटवर्क कितना बड़ा है ये भी जान लीजिए हमारे सहयोगी। महादेव पुस्तक में जिन लोगों ने पैसा लगाया है उनमें 3 विदेशी जांचकर्ता भी शामिल हैं, यह कनेक्शन पाकिस्तान और दुबई से है। भारत के 10 व्यापारी शामिल हैं, महादेव पुस्तक पर पैसा लगाया जाता है। 2000 से अधिकांश युवा भिलाई-दुर्ग में रहने वाले हैं, जो इस नेटवर्क में जुड़कर काम कर रहे हैं। विशेषनगर, शांतिनगर, कैंप, कुर्सीपार और जुनवानी से ही 500 से अधिक लड़के इस काम में जुड़े हुए हैं। 2019 में शुरू हुई इस ऐप के जरिए पूरे देश में 35 लाख से ज्यादा लोग बेरोजगार हैं और 10 से ज्यादा राज्यों में महादेव पुस्तक का जाल बिछाया गया है।

निश्चय-कित्यािथ्या घोषित
महादेव पुस्तक की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ती जा रही है वैसे-वैसे बड़े पैमाने पर खुलासे हो रहे हैं और अंतिम कार्रवाई पर भी अमल किया जा रहा है। मुजफ्फरनगर में दर्ज मामले की जांच के बाद सामने आया कि ऑनलाइन सट्टे के इस महाननेटवर्क के पैसों की जांच चल रही है। मज़हबी दर्ज मामले की जांच के बाद सामने आया कि नेटवर्क का पूरा पैसा उद्योग जगत के निवेशकों के खाते में जमा हो गया है। इसके लिए उद्योग उद्यमों को 10 से 12 प्रतिशत तक का कमीशन दिया जाता है। व्यवसाय का पैसा इंदौर के दो बैंक खातों में दर्ज किया गया था। पुलिस की जांच में जो भी बैंक खाता नंबर सामने आए हैं, उनके सभी खाताधारकों को नोटिस जारी किया गया है। पता यह भी चला है कि भिलाई में सौरभ और रवि से जुड़े कुछ लोग सट्टे के पैसे से जगदलपुर और यूपी में जमीन का खुलासा और पेट्रोल पंप में निवेश कर रहे हैं। साथ ही भिलाई के कुछ सराफा कार्डबोर्ड का पैसा भी महादेव बुक के शिखर पर जा रहा है। इसके अलावा निवेशकों का पैसा सोने में डूबकर कोलकाता के रास्ते देश के अलग-अलग शहरों में छूट जा रहा है।

महादेव बेटिंग ऐप: बड़ी से बड़ी क्राइम वेब साइट गेम भी इसके आगे फेल, जानें भिलाई का एक लड़का कैसे बना 'बेटिंग किंग'

दुर्ग पुलिस महादेव बुक का नेटवर्क विध्वंस करने में लगी हुई है। अब तक महादेव बुक की कई दुकानों का भुगतान किया जा चुका है। 100 से अधिक गुर्गों को पकड़ा जा चुका है। रेफ्रीजिरेटर में भी 24 करोड़ रुपये का भारी भरकम कैश चुकाया गया है। क धीरे-धीरे-धीरे-धीरे बढ़ती जा रही हैं और जांच के साथ कार्रवाई आगे बढ़ती जा रही है। पुलिस के अलावा ईडी ने भी डायरी के पन्ने पलटने की जांच शुरू कर दी है, जिसमें एक बड़े नाम वाले अभिनेता अभिनेता कपूर का नाम सामने आया है। कोई दिल की बात नहीं होगी, जब आने वाले वक्त में कई और हस्तियां केंद्रीय जांच एजेंसी की चौक पर नजर आ सकती हैं।

टैग: अपराध समाचार, रणबीर कपूर



Source link

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Must Read

spot_img