
मोदी सरकार के एक फैसले से कांगाल पाकिस्तान का भला हो गया
पाकिस्तान चावल निर्यात: भारत सरकार ने गैर बासमती चावल के प्रयोग पर प्रतिबंध लगा दिया है। यह कंगल पाकिस्तान पर प्रतिबंध लगाने के लिए बड़ा जादुई साबित हो रहा है। असल में, भारत सरकार ने आने वाले त्योहारी सीजन पर नजर रखते हुए घरेलू आपूर्ति को बढ़ावा देने और निर्यात को नियंत्रित करने के लिए जुलाई 2023 में गैर बासमती चावल की बिक्री पर प्रतिबंध लगा दिया था। इस जजमेंट ने पाकिस्तान की चांदी करा दी। कंगाल पाकिस्तान की आवाम में भी ऐसी ही गरीबी की समस्या है। खाने की चीज़े खाने की नाव के दाम आसमान छू रहे हैं। बिजली, पेट्रोल की दुकान में ‘आग’ लगी है। लोगों को खाने के लिए अता तक किस्मत नहीं मिल रही है। ऐसी गरीबी की स्थिति में भारत सरकार का पतन पाकिस्तान के लिए गौरव का प्रमाण बन रहा है। जानिए कैसे?
पाकिस्तान की होगी एक अरब डॉलर की अतिरिक्त कमाई
भारत दुनिया का सबसे बड़ा चावल उत्पादक देश है। भारत के फैसले से वैश्विक बाजार में चावल की कमी हो गई। इस वजह से कंगल पाकिस्तान के चावल की मांग बढ़ी। अमेरिकी कृषि विभाग (यूएसएडीए) के मुताबिक, भारत के इस जजमेंट से पाकिस्तान को बंपर फायदा होने की उम्मीद है। यूएसडीए का अनुमान है कि चालू वित्त वर्ष में पाकिस्तान के चावल उत्पादकों की पिछले वित्तीय वर्ष की तुलना में 40 प्रतिशत अधिक होगी। इससे पाकिस्तान को एक अरब डॉलर की अतिरिक्त कमाई होगी।
पाकिस्तान दुनिया का चौथा सबसे बड़ा चावल बेचने वाला देश
अमेरिका के कृषि विभाग ने अनुमान लगाया है कि यह 48 लाख टन होगा। पाकिस्तान के लिए यह इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि पाकिस्तान में सिक्कों और सिक्कों का भी बंपर उत्पादन होता है। इसरान पाकिस्तान की आस्था पर निर्भरता कम हो जाती है। इससे पाकिस्तान का विदेशी मुद्रा भंडार बढ़ने की संभावना है। अभी पाकिस्तान का विदेशी मुद्रा भंडार लगभग खाली हो गया है। पाकिस्तान दुनिया का चौथा सबसे बड़ा चावल सहयोगी देश है। भारत पर पहला स्थान है। वर्ष 2022-23 में चावल के कुल वैश्विक विपक्ष में भारत का 40 प्रतिशत योगदान आ रहा है।
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