विक्रम कुमार झा/पूर्णिया. लिट्टी और चोखा बिहार का ब्रांड बन गया है। इसकी कई वैरायटियाँ हैं. पूर्णिया में एक खास जगह है जहां का लिट्टी चोखा काफी मशहूर है। पूर्णिया के रेस्तरां गेट से जब जेल चौक जाने वाली सड़क में आगे तो सड़क किनारे यह दुकान निकली। जो पिछले 27 साल से लोगों को लिट्टी और चोखा का स्वाद चख रही है। यहां आग पर सेकी हुई लिट्टी के साथ टमाटर, बैंगन और आलू का चोखा के साथ फ्राई मिर्च मिलती है। यहां का स्वाद काफी मशहूर है.
वहीं, लिट्टी एंड चोखा की दुकान जलालगढ़ से आए नियमित ग्राहक असगर अली और ग्राहक अमित कुमार, धनंजय सिंह हर्ष राज ने बताया कि फुलिया की इस दुकान पर लिट्टी और चोखा का लाजवाब स्वाद है। यूक्रेन ने कहा कि बैल के मौसम में बिहारी डिश लिट्टी और चोखा खाने में बहुत मजा आता है। ग्राहक असगर अली कहते हैं कि वह जब भी अपने किसी काम से पूर्णिया आते हैं तो एक बार इस पुरानी दुकान पर ग्यान लिट्टी और बैगन और टमाटर की बनी हुई प्याज और मिर्च का भरपूर आनंद देते हैं। पटना से बेहतर लिट्टी और चिप्स का स्वाद इन गोदामों में मिलता है। जिस वजह से पूरे देश में ही आखिरी बार पटना का स्वाद याद कर लेते हैं.
20000 की प्रतिदिन बिक्री होती है
पंडित सनोज पंडित ने बताया कि लिट्टी अपने तरीके से कैसे बनाई जाती है। साथ ही साथ लिट्टी के इनसाइड इंगर, प्याज लहसुन समेत अलग-अलग तरह के को घरेलू विधि से तैयार कर लिट्टी के अंदर भरते हैं। उसे आग पर पकाते हैं, साथ ही साथ इंटरनेट को लिट्टी और बैगन, टमाटर की बनी बनी प्याज और फ्राइड मिर्ची बनाते हैं। कीमत ₹20 प्रति प्लेट है। वहीं, व्युत्पत्तियों का कहना है कि वह पिछले 27 साल से इसी जगह अपनी दुकान पर पेंसिल आ रहे हैं। यहां सुबह 9 बजे से रात 8 बजे तक लोग लिट्टी चोखा का आनंद ले सकते हैं। उन्होंने कहा कि वह रोजाना 1000 पैसे से ज्यादा लिट्टी का किराया लेते हैं।
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पहले प्रकाशित : 5 अक्टूबर, 2023, 17:50 IST
