अनूप/कोरबाः धर्मशास्त्र और साधु सन्त शिक्षा देते हैं कि मनुष्य को अपने जीवन में उद्यम करने में सहायता करनी चाहिए। परोपकार ही मनुष्य का सबसे बड़ा धर्म है। जीव, जंतु आदि को कष्ट देना सबसे बड़ा अधर्म होता है, और किसी व्यक्ति का सहारा बनने से पुण्य लाभ मिलता है। ऐसा ही एक सरकारी कर्मचारी ने मानवता की मिसाल पेश की है। उन्होंने पेड़ के नीचे रह रहे अमीर वृद्ध को देखकर उनकी मदद का निर्णय लिया और उन्हें सहारा देने का संकल्प लिया।
सरकारी कर्मचारी ने पेश की मिसाल
साक्ति जिले के राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में मार्शल लाइफ़ पटेल नामित कर्मचारियों ने अपने पासपोर्ट के साथ एक नामांकित वृद्ध व्यक्ति की मदद की और उसे आश्रय प्रदान किया। बम्हनीडीह गांव में एक पेड़ के नीचे आवास करने वाले इस बुजुर्ग की मदद के लिए उन्होंने समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों को सूचित किया। अधिकारियों ने उसकी स्थिति की जांच की और उसे खोखरा के वृद्ध आश्रम में भेजा, जिससे उसकी सेवा और देखभाल हो गई। यह वृद्ध कई दिनों तक पेड़ के नीचे रहते थे, लेकिन जीवन पटेल की सहायता से उनकी स्थिति में सुधार हुआ और क्षेत्रवासियों ने उनकी सहायता के लिए उन्हें अपने पास रखा।
.
पहले प्रकाशित : 5 अक्टूबर, 2023, 17:35 IST
