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हार्ट अटैक के बाद तीन मिनट में शुरू हो जाए इलाज, तो बच सकते हैं जान, डॉक्टर ने बताए 5 लाइफ सेविंग टिप्स


उत्तर

हार्ट अटैक से बचने के लिए लोगों को स्टॉक लाइफस्टाइल अपनानी चाहिए।
समय-समय पर हार्ट का रेस्टॉरेंड चेकअप कन्वर्जन भी बेहद जरूरी होता है।

हार्ट अटैक के बारे में सब कुछ: वर्तमान समय में हार्ट अटैक के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। आम लोगों से लेकर सेलिब्रिटीज तक हार्ट अटैक की वजह से जान गंवा रहे हैं। पिछले कई पूर्वी देशों में यह खतरनाक प्रवृत्ति तेजी से बढ़ रही है। गलत लाइफस्टाइल, अनहेल्दी खान-पान, धूम्रपान और शराब की वजह से हार्ट अटैक की घटनाओं में तेजी से बढ़ोतरी हो रही है। इससे बचाव करना अत्यंत आवश्यक हो गया है। दिल का दौरा एक खतरनाक कंडीशन है, जिसमें ज्यादातर लोग जान गंवा देते हैं। हालांकि हार्ट अटैक के बाद अगर मरीज को तुरंत मेडिकल सहायता मिल जाए तो उसकी जान बचाई जा सकती है। कार्डियोलॉजिस्ट से जानेंगे कि हार्ट अटैक के बाद लोगों को क्या करना चाहिए और किस तरह की जान बचाई जा सकती है।

ग्रेटर के फोर्टिस हॉस्पिटल के कार्डियोलॉजी विभाग में हॉस्पिटल डॉ. विवेकाधिकार के अनुसार दिल का दौरा पड़ने के बाद पहले 60 मिनट के अंदर मरीज को अस्पताल में जाकर उसकी जान बचाई जा सकती है। दिल का दौरा 60 मिनट बाद ‘गोल्डन ऑवर’ कहा जाता है। यह समय पर तेजी से इलाज शुरू करने के लिए महत्वपूर्ण है। हार्ट अटैक के बाद दिल की मांसपेशियां 80-90 मिनट के अंदर खून न मिलने के कारण मौत शुरू हो जाती है।

इस दौरान उपचार शुरू होने पर अगले छह घंटे तक दिल पूरी तरह से डैमेज हो जाता है। इससे लोगों की मौत हो जाती है. दिल का दौरा पड़ने के बाद धीरे-धीरे खून की रिकवरी बहाल की जाएगी, दिल का दौरा कम होने से दिल और अन्य अंगों को नुकसान होगा। दिल का दौरा पड़ने के बाद इलाज के लिए मरीज को तुरंत अस्पताल ले जाना चाहिए, लेकिन दिल का दौरा पड़ने के तुरंत बाद मरीज को कार्डियोपल्मोनरी रिसस इंडस्ट्री (सीपीआर) दिया जाए, तो मरीज के जीवित रहने की संभावना दोगुनी हो जाती है।

ऐसे लोगों को हार्ट अटैक का सबसे बड़ा खतरा

फोर्टिस हॉस्पिटल के कार्डियोलॉजी विभाग के एसोसिएट कंसल्टेंट डॉ. विवेक शमा के अनुसार कोरोनरी आर्टरी डिजीज (सीएडी) सबसे आम हार्ट डिजीज में से एक है और इससे मौत का खतरा बहुत ज्यादा है। कोरोनरी आर्टरी डिजीज होने का खतरा अधिक होता है। भारत में प्रति एक लाख जनसंख्या के अनुसार 272 हृदय रोगी हैं।

इससे भी अधिक जापानी बात यह है कि कम उम्र में ही लोग हार्ट डिजीज के शिकार हो रहे हैं। लोगों के लिए यह जरूरी है कि वे फिट रहें, सही सेवन करें, व्यायाम करें और धूम्रपान-शराब से दूरी बनाएं। धूम्रपान और शराब का सेवन करने वाले या गतिहीन जीवन शैली जीवन वाले लोगों के अलावा, मोटापा, क्रॉनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज (सीओपीडी) और फेफड़े के अस्थमा वाले लोगों में हार्ट डायजीज विकसित होने की संभावना अधिक होती है।

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हार्ट अटैक से बचने के 5 तरीके

– हर दिन होटल और अपने फिटनेस सबसे अच्छे।
– पोषक तत्वों से भरपूर सामग्री और जंक खाद्य पदार्थ अवॉइड करें।
– धूम्रपान, शराब सहित किसी भी प्रकार का नशा करने से बचना।
– समय-समय पर अपने दिल का स्टाइक चेकअप जरूर खरीदें।
– मरीज़, बीपी या फेफड़े की परेशानी हो, तो सावधान रहें।

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