नई दिल्ली। चंद्रयान-3 की सफलता के बाद भारतीय अनुसंधान अनुसंधान संस्थान (इसरो) ने शुक्रवार को इस दिशा में एक और खबर जारी की। केवल चांद के दक्षिणी ध्रुव पर सफाता से उतरने से ही भारतीय संस्थान एजेंसी की मान्यता नहीं है। एनक्यूज एजेंसी यूनी के मुताबिक इसरो के डिप फोली डायर लांचर पी सुनील ने खुलासा किया है कि जलद ही भारत अपने चंद्रमा मिशन को आगे बढ़ाने वाले चंद्रयान- 4, 5 और 6 के लिए भी काम शुरू कर देगा। हालाँकि आगामी मिशन का मकसद होगा? इस बारे में मठवासियों की जानकारी अभी नहीं दी गई है।
ओडिशा के पुरी में श्री जगरनाथ संस्कृत विश्वविद्यालय में डुबकी लगाने वाले डायर लीपरर पी. सुनील ने विश्व अंतरिक्ष सप्ताह के अवसर पर कहा कि भविष्य में इसरो की योजना अंतरिक्ष छात्रों की उत्पत्ति लोन्च करने की भी है। ‘बिजनेस बिजनेस में आर्थिक शक्ति बनती जा रही है।’ बहुत से हेल्थकेयर मिशन की कार्यवाहियों के बाद हमें काफी फंड मिल रहा है। निवेश हमारा इंटरनेशनल नेटवर्क बिजनेस शेयर दो प्रतिशत है। यह सात अवैयक्तिक डॉलर की कलाकृति है।’
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चंद्रयान-3 मिशन की सफलता इसरो के वैज्ञानिक ही नहीं बल्कि पूरे देश की वैज्ञानिकता है। भारत चाँद पर सफल लैंडिंग करने वाला चौथा देश बन गया है। चंद्रयान के लैंडर और रोवर की चांद की सत्र पर जांच अभी जारी ही थी कि इसरो ने दो सितंबर को अपने चंद्रमा मिशन आदि का प्रक्षेपण एल-1 को लॉन्च किया था। भारत का ‘आदिचित्र’ सूरज के करीब पहुंच की अपनी यात्रा कर रहा है। यह पूरी प्रक्रिया में कुल चार महीने का वक्त स्थान शामिल है।

इतनी ही नहीं इसरो की योजना अगले साल अंतरिक्ष में मानव को भेजने की है। इसके लिए अलग-अलग जोर-शोर से चल रही हैं। ध्यान दें कि भारत ने अमेरिका के साथ अंतरिक्ष के क्षेत्र में कब्जा कर लिया है, जिसके तहत इसरो की योजना के तहत आने वाले सागर में नासा के साथ मिलकर अंतरिक्ष में प्रवेश तक की यात्रा बताई जाएगी।
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पहले प्रकाशित : 6 अक्टूबर, 2023, 21:09 IST
