उत्तर
इस वैल्यूएशन के नीचे क्रिमिनल डिस्प्ले पीएल (एलसीडी) लगा होता है।
इलेक्ट्रिकल कंडक्टिव लीज़ के नीचे, जो टच सेंस दुर्लभ है।
इसमें विद्युत तरंगें निकलती हैं, जो स्पर्श करते हुए ही एक वेव वैज्ञानिक प्रयोग करते हैं।
मोबाइल टच स्क्रीन: असली मार्ट फोन तो सभी के हाथ में होते हैं। हर बड़ी आधिकारिक टचस्क्रीन वाला टच फोन के लिए घूमता है, लेकिन आपने सोचा है कि अंतिम फोन की टचस्क्रीन कैसे काम करती है। इसमें ऐसा होता है जो हमारे हाथ के बालों को ही एक्टिव रखता है। कई लोगों का मानना है कि दवा में कोई न कोई तरल पदार्थ भरा होता है, जो हाथ में नशे के रूप में ही सक्रिय होता है। फाइनल हो गई है इसकी तकनीक और कैसे काम करता है आपका फोन।
असल में, मोबाइल का टच मोबाइल में एक इलेट्रोनिक विजुअल डिसप्ले होता है। इस वैल्यूएशन के नीचे क्रिमिनल डिस्प्ले पीएल (एलसीडी) लगा होता है। इलेक्ट्रिकल कंडक्टिव लीज़ के नीचे, जो टच सेंस दुर्लभ है। विद्युत तरंगें छोड़ी जाती हैं, जो हमारे टच में ही एक वेव ध्वनिक प्रयोग करते हैं। इन तरंगों के बारे में पता चलता है कि इन तरंगों को टच किया गया है। इसकी जानकारी फ़ोन के प्रोटोकॉल के माध्यम से नियंत्रक को दी जाती है और आपको रिमार्क्सिन पर डॉक्युमेंट्री दिखाई देती है। यह काम इतनी तेजी से होता है कि आपका स्पर्श ही रिजल्ट को सामने ला देता है।
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कैसे काम करता है स्मारकीयन
टच के अलावा मोबाइल की वैल्यूक्रीन भी इसी तरह की तकनीक पर काम करती है। इसमें भरा नाम की क्रिस मूर्ति एक तरह से वीडियो या फोटो के लिए बेस का काम करती है। इस डॉक्यूमेंट्री विधि पर टेकमॉर्टा, छवि या वीडियो इले ट्रोट्रॉनिक से दिखाई देता है। इलेक्ट्रानिक तरंगों की मदद से आपको तासवीरें या वीडियो दिखाए जाते हैं।
आख़िरकारिन में भरा होता है कौन सा नागालैंड
सभी फोन की टच डॉक्यूमेंट्री एक तरह के टच से भरी होती है। इस कहावत को टीव्ही कार्टूनिस्ट ने कहा है। खास बात ये है कि इस अनोखे तरीके से प्रकाश को ध्रुवीकृत करना यानी ध्रुवीकृत करना और चमकाने की क्षमता होती है। यही कारण है कि इस मॉडल के वीडियो और फोटो की क्वालिटी काफी अच्छी दिखाई देती है।
टच गोद लेने से लाभ या हानि
प्लास्टिक मार्ट फोन में एप्लिकेशन वाली टच की सबसे अच्छी बात ये है कि इसमें बटन की जरूरत नहीं होती है। इसका मतलब यह है कि आपको बटन की जगह बड़ी स्क्रीन का ऑपरेशन मिल जाता है। लेकिन, इसकी सबसे बुरी बात यह है कि यह डार्कक्रीन काले या गहरे भूरे रंग को नहीं बनाया गया है और इसका कंट्रा स्टार कम रहता है। यही कारण है कि मोबाइल को अंधेरे में नहीं लगाने की सलाह दी जाती है। इस पर नजर डालें आकर्षक है.
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पहले प्रकाशित : 6 अक्टूबर, 2023, 16:46 IST
