बच्चों में विटामिन की कमी के लक्षण: कई बार मां को महसूस होता था कि छोटी-छोटी साड़ियों को खाना खिलाना एक मुश्किल काम है। अपनी पसंद की चीजें बनाने के बाद भी वे खाना नहीं बनाते, या फिर कोई भी चीज अपने आप में ही रह जाती है, जिसकी वजह से उनके शरीर में पोषण की कमी हो जाती है। कई बार मसाले ठीक ठाक दिखाई देने के बाद भी कई ऐसे स्टूडियो से सीखे जाते हैं, जिनके मानक आमतौर पर पेरेंट्स को जल्दी नहीं मिलते हैं। ऐसी ही एक समस्या है न्यूट्रिशन की कमी। बागानों में विटामिन या कैल्शियम की कमी होती है लेकिन यह काफी बाद में पता चलता है और मसाले गंभीर रूप से बीमार या कमज़ोर हो जाते हैं।
आर.एस. एसोसिएशन अलॉटमेंट के डिपार्टमेंट ऑफ ऑउटपेडिओआरोपियो में प्रोफेसर डॉ. सिद्धार्थ कुमार का कहना है कि वजीरों की शारीरिक और मानसिक स्थिति के लिए जरूरी है कि उनका पर्यायवाची पिज्जा रखा जाए। भूगर्भ पोषण युनाइटेड स्टेट्स रिसर्च स्टडीज। कई बार कुछ ऐसे कॉमन बीमारियाँ होती हैं जो बच्चों में पाई जाती हैं, माता-पिता में ये समान वस्तुएँ होती हैं।
डॉ. सिद्धार्थ कहते हैं कि छोटे सामानों में विटामिन डी, कैल्शियम और विटामिन बी12 की कमी के मामले सबसे ज्यादा देखने को मिल रहे हैं। इसकी एक शानदार साज़िशों का सुबह की धूप न ले पाना भी है। वहीं पेरेंटस प्लाइमेंट्स रिकवरी पर तो फोकस करते हैं लेकिन घर का पूरा आहार जोड़े को नहीं दे पाते हैं। आहार में विटामिन, कैल्शियम की कमी को दूर करने का एक तरीका भी है।
इस लक्षण से पहचानें न्यूट्रिशन की कमी
डॉ. सिद्धार्थ कहते हैं कि अगर आपके प्रतिष्ठान को बहुत सारे दोस्त रहते हैं। मतलब कि वह बार-बार दोस्तो की स्कॉलरशिप से जुड़ा है। ठीक होने के कुछ दिन बाद फिर उसे पेट की परेशानी होती है तो यह विटामिन की कमी का बड़ा लक्षण हो जाता है। इस स्थिति में दोस्त के साथ ही थकान और सुस्ती भी बनी रहती है। विटामिन डी की कमी से शरीर में कैल्शियम की भी कमी हो जाती है और जोड़ों के अवशेषों के विकास के साथ ही उनकी जगह भी रोकेगा।
कई शोधों से पता चलता है कि विटामिन डी की कमी से एक बार फिर से आहार में कमी आती है, जिसका कारण यह है कि बार-बार के आहार में विटामिन डी की कमी शामिल होती है। ये विटामिन डी और बी12 की कमी का एक आम लक्षण है, जिसे ज्यादातर अभिभावक सामान मानते हैं और दवा खिलाते हैं। हालाँकि ये बात माता-पिता को याद रखनी चाहिए कि बार-बार तो दोस्त नहीं हो रहे। अगर ऐसा है तो डॉक्टर को डेट के साथ-साथ दोस्तों में न्युट्रिएंट्स की जांच की भी जरूरत है।
सामानों को खिलाएं ये चीजें
डॉ. कहते हैं कि पार्टनर को सबसे जरूरी है दोनों टाइम खाना खिलाना। जिसमें दाल, चावल, रोटी, सब्जी और दही शामिल होना चाहिए। वसे को दूध भी दे दो. इसके अलावा पालक को यह कैल्शियम का सबसे अच्छा स्त्रोत अवश्य खिलाना चाहिए।
सप्लिमेंट्स कर दें कम
अगर आपका इंस्टालेशन पूरी तरह से सही नहीं है और इसलिए आप उसे सप्लीमेंट्स, पाउडर या दूध में मिलाए गए पाउडर पिलाते हैं तो ये उसे पूरी तरह से न्यूट्रिशन दे देगा, ऐसा सॉलिड सही नहीं है। गुप्त न्यूट्रिशन घर के भोजन से ही मिलेगा। इसलिए सप्लाइमेंट्स पर असंतुलित रहने के स्थान पर पार्टियाँ को घर का खाना खिलाएँ।
.
टैग: स्वास्थ्य, जीवन शैली, ट्रेंडिंग न्यूज़
पहले प्रकाशित : 6 अक्टूबर, 2023, 14:15 IST
