अनूप/कोरबाः कोरबा जिला मुख्यालय से 20 बालको के भटगांव के पास किमी की दूरी पर झरना ज्वालामुखी आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। 20 पैरों की पाइपलाइन से गिर रहे पानी का सौंदर्य लोगों को काफी पसंद आ रहा है। शहर से नज़दीक होने की वजह से बड़ी संख्या में लोग यहां घाट पर भी रुके हुए हैं। वर्षा ऋतु के समय पत्थर में फ़्लॉन अधिक होता है, इस कारण से नीचे के झरने के बजाय किनारे से ही झरने का आनंद लिया जा सकता है,
आपको बता दें कि, यह झरना ग्रीनहाउस पर बना है। इसी कारण से गर्मी के समय भी लोग यहां घाट के साथ ही झरने का आनंद उठाते हैं। यहां पर आपको पता चलेगा, कि आप पूरी तरह से स्वच्छंद प्रकृति के समुद्र तट पर पहुँच गए हैं। यह जलप्रपात शहर से सुदूर वनक्षेत्र में स्थित है, इसलिए आप वनों के बीच शांति का अनुभव कर पाएंगे।
वर्षा ऋतु में जहां नदी-नाले उफान पर होते हैं, पानी में उतरने से सैलानियों पर खतरा हो सकता है। नदी के किनारे की चट्टानों पर फ़्लान होता है, और उनका बहाव भी तेज़ होता है, जहां लोगों के लिए पर्यटन करना सुरक्षित नहीं है। परसाखोला के झरने और पत्थरों वाले कुछ स्थानों पर पानी की भरमार है, और यहां काफी गहराई भी है। यही कारण है कि पैराफ्लेन या नहाते समय गेर पानी का आकार नहीं हो पाता क्योंकि यहां पहले भी कई घातक दुर्घटनाएं हो चुकी हैं।
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पहले प्रकाशित : 6 अक्टूबर, 2023, 17:20 IST
