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कौशांबी पुलिस में फंसे फर्जी कैमरे से फर्जी कंपनी! एसपी ने दिया विस्तृत जांच आदेश


कौशांबी. यूपी के कौशांबी जिले में कथित आतंकियों के बीच चार जुआरियों को गिरफ्तार करने वाली पुलिस ने अब कैमरे के पीछे से फर्जीवाड़ा किया है। आरोपियों ने पुलिस पर सामूहिक हमले का आरोप लगाया है। एसपी ब्रिजेश कुमार ऑर्डर इंजीनियर ने केस में जांच के निर्देश दिए हैं। मामला सूखा धाम इलाके के गिरधरपुर गढ़ी गांव का है।

दरअसल, 2 अक्टूबर को कड़े धाम थाना पुलिस ने गिरधरपुर गढ़ी गांव में 4 जुआरियों को गिरफ्तार करने का दावा किया था। कंपनी के संस्थापक स्वामी आशुतोष कुमार सिंह का आरोप था कि ज्वाइंट के दौरान जुआरियों ने टीम पुलिस पर फायरिंग और देसी बम से हमला किया था। हमलों में विषैले बाल-बाल बच्चे थे। पुलिस ने इस मामले में 11 संदिग्ध 6 अज्ञात के खिलाफ पुलिस से माफिया, विस्फोटक पदार्थ एवं सार्वजनिक जुआन अधिनियम के तहत धारा में केस दर्ज कर मोबीन अहमद, मो. भोबे, बहादुर भूषण तिवारी और उमराज को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था।

वहीं, इस मामले में मोबीन अहमद की पत्नी उज्जमा बट और बोबे के हॉस्टल कैमरे के जासूस एसपी ब्रजेश कुमार ग्रेजुएशन ऑफिस के सामने आए। वे 30 सितंबर की रात 10:10 बजे सुपरमार्केट कैमरे की झलक दिखाने गए थे, जिसमें अशोक कुमार सिंह हमराही दोस्त के साथ अपने घर गए थे और उनके पति के साथ उनके घर गए थे। जब हम लोग सुबह स्टेशन पहुंचे तो पुलिस ने हमसे मिलना नहीं दिया और अच्छे बुरे स्वभाव वाले हम लोगों को स्टेशन से भगा दिया। दोपहर बाद हम लोगों को पता चला कि पुलिस ने मेरे पति मोबीन अहमद और मो. बोफ़ को जेल भेज दिया गया है।

इस मामले में जब एसपी ब्रिजेश कुमार से बात की गई तो उन्होंने ऑफ रिकार्ड से कहा कि मामले में प्रारंभिक जांच के आदेश दिए गए हैं। उन्होंने आधिकारिक तौर पर बयान से साफ मना कर दिया है। वहीं, पीड़ित महिलाओं ने इस मामले में शहजादे और मुख्यमंत्री के खिलाफ भी एक पत्र दाखिल कर पुलिस के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

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