बिट्टू सिंह राजपूत/अंबिकापुर. ‘लोगों का काम करने वाले लोगों का कहना है कि इस पर ध्यान देने की बजाय अपने काम पर ध्यान देना चाहिए’ यह वाक्य शहर के दो होनहार युवा दोस्त अनिकेत और अफरोज का कहना है। एक दोस्त ने फाइनेंस सेक्टर की नौकरी छोड़ी और दूसरी ने सीजीपीएससी शहर में कुल्हड़हा चाय की दुकान के उद्घाटन और शुभारंभ की तैयारी। देखते ही देखते दोनों दोस्तों की चाय और उनका स्वाद यहां के युवा और बुजुर्ग के दिल में बस गया कि उनके दिन की शुरुआत कुल्हड़ चाय से होती है।
अनिकेत सिंह परिहार और अफरोज खान दोनों स्कूल टाइम के सबसे अच्छे दोस्त हैं। दोनों की पढ़ाई एक साथ हुई, और कॉलेज की पढ़ाई के बाद अनिकेत फाइनेंस सेक्टर में जॉब करने लगे और अफ़रोज़ सीजीपीएससी की तैयारी में विमोचन किया गया। फिर दोनों ने एक दिन में शहर में कुछ नया करने का प्लान तैयार किया, इसमें अफरोज ने अनिकेत को डॉक्टर से सलाह दी कि शहर में फ़्रेश मिल्क की ऑफ़लाइन दुकान का काम किया जा सकता है। जिसके बाद अनिकेत ने भी अपनी नौकरी माफ़ करने का प्लान अफ़रोज़ योजना में शामिल कर लिया। लेकिन इन दोस्तों ने दूध का काम शुरू नहीं किया।
चाय की बनी बनी बनी
इसके बाद अफ़रोज़ ने फिर सुझाव दिया कि शहर में एक कुल चाय की दुकान खोली जाए, इसलिए उनकी किताब से दूध का काम शुरू हो गया। इसके बाद दोनों ने साल 2021 में काम शुरू कर दिया. लेकिन लोगों के सामान और चाय की थोक बिक्री को देखते हुए दोनों ने इस काम को और आगे बढ़ाया। जो अब शहर की कुलदा की चाय की दुकान के दुकानदार खुद की चौपाटी तैयार कर चुके हैं, जहां हर तरह के सामान की वस्तुएं भी मिलती हैं। खास बात यह है कि यहां चाय का टेस्ट भी युवाओं के बीच काफी आकर्षित करता है।
मास्क लगाने का काम शुरू हो गया था
अफ़रोज़ और अनिकेत ने बताया कि जब दुकान की शुरुआत हम लोगों ने की थी, तब मास्क रहते थे। लेकिन लोगों में जब चाय की डिब्बों की तरह हम गरीब लोगों ने दूसरों की चिंता किए बिना और आगे बढ़ने की कोशिश की और आज के बेहतर शहर चौपाटी के रूप में सड़क पर लीज वाली चाय की दुकान की तैयारी कर ली है।
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पहले प्रकाशित : 27 सितंबर, 2023, 13:41 IST
