नरेश पारीक/चूरू. राजस्थान की पहचान सिर्फ यहां की लोक संस्कृति से है बल्कि यहां के धर्म, कर्म से भी है। जी हां श्राद्ध पक्ष में यहां एक ऐसी ही लोध बनाई गई है जिसका ना सिर्फ स्वाद लाजवाब है बल्कि इसका नाम भी काफी अलग है। विशेष रूप से विशेष रूप से श्राद्ध पक्ष में बनने वाला यह लोध आम लोध से काफी खास है। आम लोध जहां बेसन से बनता है तो पंसदारी का लोध आटा और सूजी से बनता है।
यहां आपको शहर के टुकड़ों में सिर्फ श्राद्ध पक्ष के 16 दिन में बनी और बिकता ही नजर आएगी। इस स्पेशल लोधी का महज़ किसी को भी अपना दीवाना बना दे। इसे बनाने वाले रामसिंह ने कहा है कि यह विशिष्ट लोधी का श्राद्ध पक्ष में महत्वपूर्ण है। जहां ब्राह्मण भोज के लिए लोग पितृ प्रार्थना करते हैं, वहीं इस विशेष लोध को आकर्षक एडवांस ऑडर देते हैं, यह विशेष लोध की आकर्षक बिक्री है।
ऐसे बनता है स्पेशल लोध
कलाकार रामसिंह ने पंसदारी के लोधी बनाने के लिए सबसे पहले घी में आटे की सिकाई की है और फिर काली मिर्च डाली है। पुरानी सिकाई के बाद फिर सूजी के दाने बन जाते हैं और मावा मिलाकर फिर अच्छी सिकाई के रूप में तैयार कर लिया जाता है, जिसे फिर 20 मिनट तक ठंडा किया जाता है। इसके बाद चीनी चाशनी के मिश्रण में डोज़, काजू, इलायची और सोंठ पाउडर, नारियल बुरादा डाला जाता है और फिर लोध बांधे जाते हैं।
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पहले प्रकाशित : 7 अक्टूबर, 2023, 17:52 IST
