अनूप/कोरबाः प्रकृति का रूप हर किसी को सदा से मोहित करता रहता है, और जब मौसम बारिश का होता है तो फिर बात ही कुछ और होती है। नेव्सापाठ की पहाड़ी ने इन दिनों राजवंशों की चण्डी ओढ़ ली है। ऊपरी भाग में स्थित मंदिर इस स्थान पर खस्ताहाल हैं। लोग यहां दर्शन करने के साथ वन भोज करने से खुद को नहीं रोकते हैं।
प्राकृतिक नैसर्गिक अपरंपार
कोरबा जिले में नेवसा विकासखंड पाली से 30 किमी दूर स्थित है, जो अपनी प्राकृतिक प्रकृति के लिए जाना जाता है। पहाड़ी पर कुआ और तालाब में साल भर के पानी की झलक लोगों को हैरान कर देती है। यहां पर देवी काली और बजरंगबली का मंदिर स्थित है। हर साल नवरात्रि के अलावा अन्य दिनों में भी आस्थावान के दर्शन के लिए लोग आते हैं। बारिश के मौसम में यहां का छटा नजारा देखने को मिलता है। ऐसे में रेस्तरां समझौते वाले लोग भी यहां पहुंच रहे हैं।
प्रकृति के प्रति अपने नोट्स
हमारे जंगल, नदियाँ, महासागर और मिट्टी हमें भोजन प्रदान करते हैं, जो हम खाते हैं, जिस हवा में हम सांस लेते हैं, जिस पानी से हम अपने रेगिस्तान की तलाश करते हैं। हम अपने स्वास्थ्य, सुख और समृद्धि के लिए कई अन्य वस्तुओं और सेवाओं पर भी प्रतिबंध लगाते हैं। यह सभी हमें कुल प्राकृतिक प्रकृति से प्राप्त होते हैं। इसलिए सभी का नागरिक कर्तव्य होता है, कि वह हर हाल में प्रकृति के प्रति अपनी हिस्सेदारी रखता है।
.
पहले प्रकाशित : 25 सितंबर, 2023, 15:24 IST
