Homeदुनिया'हमास के दोस्त हमारा मजाक बना रहे, हमें बचाइए', इजराइल की सेना...

‘हमास के दोस्त हमारा मजाक बना रहे, हमें बचाइए’, इजराइल की सेना से ‘हमास’ के आतंकी मार रहे हैं, कृपया हमें बचाएं, दक्षिणी इजराइल में रहने वाले लोगों ने सेना से की अपील


इज़राइल- इंडिया टीवी हिंदी

छवि स्रोत: एपी
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इजराइल: शनिवार सुबह इजराइल में जो कुछ हुआ, उसकी शायद किसी ने उम्मीद नहीं की होगी। सैकड़ों मजहब इजराइल के शहरों में घुस आए और ग़ैरमामूली पर्यटक आए। इसके साथ ही 20 मिनट में 5000 से अधिक मिसाइलें दागी गईं। शहर की कई इमारतों में आग लग गई। इजराइल का हवाई सुरक्षा कवच विफल हो गया। सैकड़ों लोगों की जान चली गई और हजारों लोग घायल हो गए। इजराइल सरकार ने युद्ध की घोषणा कर दी है और सेना ने ‘स्वोर्ड्स ऑफ आयरन’ नामक ऑपरेशन शुरू कर दिया है।

हमास के बिजनेसमैन ने इजरायल के दक्षिणी भाग में अपना भयानक रूप दिखाया। यहां उन्होंने लोगों को मारा। रोडवेज पर लामाइंड शास्त्र। कई लोगों ने लिया राज़। कातिल की बात है हमास के दोस्त जब यहां काल्हेआम मचा रहे थे तो बताया जा रहा था कि वहां इजरायली पुलिस या सेना का कोई जवान मौजूद नहीं था। इजरायली मिशन हारेत्ज़ ने बताया कि दक्षिण में रहने वाले इजरायली सेना से सुरक्षा बल के प्लांट लगाए जा रहे हैं। उनका कहना है कि वे मदद के लिए बेताब हैं।

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छवि स्रोत: पीटीआई

हमास के घर में आग लगा दी

इस हमले के दौरान तेल अवी के एक निवासी ने कहा कि हमलावर उसकी बहन के घर में घुस आया और टैब से वह उससे मिलने में असफल हो गया। उन्होंने कहा कि किबुत्ज़ में कई लोगों के जमा होने के बावजूद, पुलिस या इज़रायली सेना कहीं नज़र नहीं आई। न्यूयॉर्क पोस्ट की एक रिपोर्ट के अनुसार, हमलों के दौरान आतंकवादियों के प्रवेश में शामिल होने में एक फिलिस्तीनी पत्रकार ने कहा कि हमास के गुट ने दक्षिणी इजरायल में नीर ओज और नीर में घुसपैठिए की भूमिका निभाई है। पत्रकारों के अनुसार, शियाट ने गाजा पट्टी में इजरायली नागरिकों और सैनिकों का अपहरण करने की कोशिश की।

नेतन्याहू ने कहा, ‘ऐसी कीमत वसूलेंगे…’

इस बीच इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि ‘हम जंगरत हैं।’ नेतन्याहू ने साथ ही दावा किया कि हमास ने इस हमले की ‘ऐसी कीमत चुकाई, जैसा उसने चाहा वैसा भी नहीं होगा।’ शनिवार को बाद में शीर्ष सुरक्षा अधिकारियों की एक बैठक में नेतन्याहू ने कहा कि पहली प्राथमिकता शत्रु तस्करों से इलाके को खाली भूखा रखना, फिर ‘दुश्मन से भारी कीमत वसूलना’ और अन्य इलाकों को मजबूत करना है ताकि कोई अन्य घटक गुट इजराइल से तुलना करने की सोच सके भी ना सैके. बता दें कि इजराइल में यह हमला सिमचैट तोरा के दिन हुआ था, खुशी वाला ऐसा दिन था जब यहूदी ‘तोरा स्टूडेंट’ का वार्षिक चक्र पूरा करते हैं।

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