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घोटाले के प्रकार, घोटालेबाजों ने खोजे ऑनलाइन धोखाधड़ी के ये नए तरीके, निजी जानकारी साझा करने से पहले रहें सावधान। एक संदेश पर एक क्लिक करें और लॉगिन करें, स्कैमर्स के इनवॉइस से सावधान रहें


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छवि स्रोत: फ़ाइल फ़ोटो
किसी भी ऑनलाइन पोर्टल में अपना व्यक्तिगत विवरण साझा करने से पहले अत्यंत सावधान रहने की आवश्यकता है।

ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचने के उपाय: भारत में ऑफलाइन फ्रॉड के मामले दिन पर दिन बढ़ते जा रहे हैं। कभी केवैसी के नाम पर तो कभी ओटीपी के जरिए स्कैमर्स लोगों को ठग रहे हैं। देश में हर दिन ऐसे सैकड़ों मामले सामने आ रहे हैं। ऑनलाइन गरीबों के बीच एक हाल ही में पुणे से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। पुणे में रहने वाले 27 साल के सॉफ़्टवेअर इंजीनियर के नज़र-अंदाज़ से उसके सारे साल गायब हो गए। इस सॉफ्टवेयर इंजीनियर्स के साथ स्कैमर्स ने फर्जी कूरियर के जरिए रियल एस्टेट की और करीब 5 लाख की रकम गायब कर दी।

स्कैमर्स ने इंजीनियर के अकाउंट से पैसे ठगने के लिए उसके आधार कार्ड का इस्तेमाल किया और आधार कार्ड के डिटेल का इस्तेमाल करके उसके अकाउंट से लाखों रुपये निकाल लिए। स्कैमर्स सोशल मीडिया के बाद अब स्कैम के नए नए तरीके हटा रहे हैं। आइये आपको बताते हैं कि कैसे स्कैमर्स किन लोगों से मिलकर लोगों को डरा कर धमाका कर रहे हैं।

फ़्रेंच कूरियर स्कैम

पिछले कुछ समय में फ्रॉस्ट कूरियर स्कैम के मामले तेजी से बढ़े हैं। इस तरह के स्कैम में फंसकर कई लोग लाखों रुपए कमा लेते हैं। इस तरह के स्कैम में स्कैमर्स फोन करके लोगों से कहते हैं कि आपके डॉक्युमेंट में एक चमत्कार मिला है जिसमें अवैध सामग्री है। स्कैमर्स की तरफ से कहा गया है कि आपके आधार का इस्तेमाल करके इसे दूसरे देश भेजा जा रहा है जिसे पुलिस ने जब्त कर लिया है। स्पेशल को विश्वास दिलाने के लिए स्कैमर्स खुद को कूरियर कंपनी के मार्केटिंग अधिकारी या फिर पुलिस कार्यालय में नियुक्त किया जाता है।

इसके बाद स्कैमर्स पर्सनल से पर्सनल स्पेशल मांगना शुरू कर देते हैं। कानूनी पचड़े में फंसने से बचने के लिए स्कैमर्स अलग-अलग खाते में पैसे मांगना शुरू कर देते हैं। कई बार लोग खुद को बचाने के लिए बिना सोचे-समझे अपना पर्सनल डिटेल शेयर कर देते हैं और इसी बात का फ़ायदा उठा कर स्कैमर्स को लाखों रुपये उड़ा देते हैं।

कैसे बचाएं- अगर आपने कोई अवैध सामग्री वाला सामिग्री कहीं नहीं भेजा है तो इस तरह की कॉल्स से डरने की बिल्कुल भी जरूरत नहीं है। इस तरह कॉल करके उन्हें तुरंत इंस्टेंट कर दें।

QR कोड स्कैम

डिजिटल बैलेंस के चलन बढ़ने के बाद स्कैमर्स अब क्यूआर कोड के जरिए भी शेयर कर रहे हैं। इसके कई मामले सामने आ चुके हैं। ऑनलाइन खरीदारी के दौरान क्यूआर स्कैम होने की संभावना अधिक होती है। इस तरह के स्कैम में जब भी आप कोई खरीदारी करते हैं तो उसके लिए एक नकली क्यूआर कोड सुझाया जाता है। ये नकली QR कोड बिल्कुल असली QR जैसा दिखता है। स्कैमर्स पैसे पीड़ित को क्यूआर स्कैन करके रिसीव करने के लिए इसमें अमाउंट के लिए कहते हैं। इसके बाद पीड़ित से ओटीपी भरने के लिए कहा जाता है। ओटीपी डालें ही स्कैमर्स बैंक से लाखों ले गए हैं।

आपको बता दें कि क्यूआर कोड का इस्तेमाल हमेशा पैसे निकालने के लिए किया जाता है। इसलिए अगर कोई आपका पैसा रिसीव करने के लिए क्यूआर कोड स्कैन करना चाहता है तो सावधान रहें।


केवाईसी अपडेट के नाम पर सूची

ऐसे भी कई मामले सामने आए जिसमें केवाईसी अपडेट के नाम पर लाखों रुपए उड़ा दिए गए। कई बार स्कैमर्स फोन करके कहते हैं कि वह बैंक से कॉल कर रहे हैं और उनका केवाईसी अपडेट नहीं है और इसे अपडेट करने की लॉस्ट डेट है। स्कैमर्स के पीड़ितों का कहना है कि अगर आपने अभी तक इसे अपडेट नहीं किया है तो अकाउंट बंद हो जाएगा और आपका पैसा नहीं हटेगा। अकाउंट बंद होने के डर से कई बार लोग स्कैमर्स के झांसे में फस जाते हैं और अपना निजी डिटेल शेयर कर देते हैं।

ऐसे सुधार- अगर आपके पास भी किसी को फोन करके केवाईसी अपडेट करने या फिर एक्सपायर होने की बात है तो आप उसे बोलें- कि हम बैंक से संपर्क करें। अपने निजी विवरण को कभी भी ऑफ़लाइन साझा न करें।

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