धीर राजपूत/फिरोजाबाद. अगर मिठाई में ट्रीका खाने के शौकीन हैं तो ये खबर है आपका दिल जीत जाएगा। जायरीनाबाद के खैरगढ़ गांव में 25 साल पुरानी पेड़ों की मशहूर दुकान हैं। इस दुकान पर शुद्ध दूध के खोये से लेकर पेड़े तैयार होते हैं। लाजवाब कलाकारी की वजह से भूख के लिए चॉकलेटाबाद ही नहीं बल्कि दूर दूर से लोग आते हैं। पहले इन पत्तों की कीमत बेहद कम थी, लेकिन अब ये काफी सस्ते हो गए हैं। हालाँकि सिद्धांतवाद की आगे की कीमत विफल है
पिपरियाबाद के खैरगढ़ गांव में सचिन चौहान की पेड़ की काफी मशहूर दुकान है और लोग लंबे पेड़ वालों के नाम से दूर-दूर तक जानते हैं। ट्रीका शॉप के मालिक सचिन चौहान का कहना है कि वे एक पुराने ट्री प्लास्टिक वाले से ट्रीके बनाने की विधि सीख रहे थे और आज वह इन पेड़ों को बेच रहे हैं। वहीं, उनके ट्रेके चॉकलेट के फ़्लोरिडा कलाकार मशहूर तक हैं। असली लोग इन कंपनियों को खरीदकर अमेरिका, पाकिस्तान तक ले जाते हैं। असल में यहां से जो लोग काम करते हैं या फिर अमेरिका जाते हैं, पैक वह ले जाते हैं। वहां निवास वाले चॉकलेटाबाद के लोग पेड़ के दीवाने हैं।
60 रुपये किलो से शुरू हुई…
सचिन ने बताया कि 25 साल पहले 60 रुपये प्रति व्यक्ति के खाते से ट्री बिजनेस शुरू हुआ था। आज उनके पेड़े 360 रुपये प्रति किलो में खूब बिक रहे हैं. इसमें शुद्ध दूध से खोवा मिलाकर अन्य सामान तैयार किया जाता है। यहां के पेड़ों की खास बात यह है कि ये लंबे समय तक खराब नहीं होते, क्योंकि इनका शुद्ध मावा काम में लिया जाता है। जबकि बनाने की तकनीक की कुछ हटके है। साथ ही बताया कि पेड़ बेचकर महीने में 50000 रुपये की बचत कर लेते हैं।
.
पहले प्रकाशित : 9 अक्टूबर, 2023, 16:22 IST
