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आर्थराइटिस में रामबाण है योग, एम्स की रामबाण में जानें कौन सी योग क्रियाएं हैं खतरनाक


उत्तर

रूमेटाइड अर्थराइटिस सिर्फ एक ही नहीं बल्कि युवाओं को भी हो रही है।
इस बीमारी में जोड़ों में दर्द, सूजन और जकड़न की समस्या होती है।

गठिया के लिए कौन सा योग सर्वोत्तम है: रूमेटाइड अर्थराइतिस यानी गठिया की बीमारी सिर्फ बुजुर्गों को ही नहीं बल्कि बच्चों को भी नाश्ते में ले रही है। अब किसी भी उम्र में हो रही जोड़ों में दर्द की शिकायत के साथ-साथ ये बीमारी हड्डियों, आंखों और दांतों को भी नुकसान पहुंचा रही है। इसके लिए लंबे समय तक इलाज की जरूरत नहीं है लेकिन इस बीमारी को लेकर एक अच्छी खबर भी सामने आई है। अफ़्फ़ान के ऑल इन इंडिया इंटरनेशनल ऑफ मेडिकल साइंसेज अध्ययन में योग को रूमेटाइड अर्थराइसिटिस पर काफी मात्रा में पाया गया है।

गठिया-जैसी बीमारी पर योग विधि से इलाज को लेकर अब इलेक्ट्रानिक साइंसेज ने भी राय दी है। हाल ही में एम एनाटॉमी विभाग की ओर से इस मदरसा में पाया गया कि रूमेटाइड अर्थरायटिस से जुड़े लोगों में 8 सप्ताह तक लगातार योग करने के बाद जाबर्डस्टा सुधार देखा गया है।

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यह एक ऑटो इम्युनिटी बीमारी है, जिसमें शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता यानी शरीर में बीमारी से लड़ने की क्षमता होती है। . इससे जोड़ों में दर्द के साथ ही मांसपेशियों में घर्षण होता है।

प्रो. उमा का कहना है कि कोरोना के बाद रूमेटाइड अर्थरायटिस के मामले काफी देखे गए हैं। कई अध्येताओं में से किसी ने भी वेरायटीन लेने के बाद गठिया की बीमारी पाई है। यह बीमारी इतनी खतरनाक होती है कि इसका असर फेफड़े, आंख, किडनी और शरीर के सभी अंगों पर भी पड़ता है। इसके लिए दवा ज़रूरी है लेकिन जांच में देखा गया है कि अगर दवा के साथ योग भी किया जा रहा है तो इसका परिणाम बेहद अच्छा है।

ये योग क्रियाएं हैं बेरोजगारी
प्रो. रीमा दादा का कहना है कि 25 से 55 साल की उम्र में 105 लोगों की मूर्ति में रूमेटाइड अर्थराटिस में योग, योगासन, प्राणायाम और अभ्यास से लेकर सूजन की यादें काफी कम हुई थीं। इतना ही नहीं योग से इम्युन सेल कनेक्शन की एजिंग को इंसेंटिव में भी मदद मिली।

डॉ. दादा का कहना है कि दादा ने कहा था कि दादा ने दो हिसांस को अपने दोस्त के रूप में बुलाया था। जिसमें से एक हिसासे को मेडिकिशन के साथ ही योग की क्रियाएं की गईं। शुरुआत में डायरी को सुक्ष्म माँ अस्तायाम में रखा गया। इसके बाद कुछ सरल आसन, सूर्य नमस्कार और नाड़ी शोधन प्राणायाम जैसे अनुलोम वि, कपालभाति, भस्त्रिका, भ्रामरी आदि का अभ्यास किया गया। इससे दोस्ती में सूजन कम हो गई.

हालांकि यहां दी गई एक विज्ञप्ति में कहा गया है कि सभी लोगों ने योगासन, प्राणायाम और वर्कआउट जरूर किए लेकिन उनके स्वास्थ्य के अनुसार ही दिखाया गया। मेरे दोस्त किसी को बीपी की ताकत थी तो उसे कपालभाति नहीं सिखाई गई।

आहार पर भी दिया गया
डॉ. रीमा और उमा का कहना है कि योग थेरेपी के दौरान सिर्फ योगासनों पर ही शुरुआत नहीं की गई बल्कि सेवन की विधि भी ठीक हो गई। रूमेटाइड अर्थराइसिटिस के मरीज़ योग करते हैं तो आपको इंजिनियरिंग प्लांट बेस्ड खाद्य पदार्थ खाने चाहिए। स्मोकिंग और चाइनीज़ से बने मसालों को अवॉइड करना होगा। रि दस्तावेज़ और दस्तावेज़ फ़्रैंचाइज़ी भी स्थिर नहीं। इसलिए योग के दौरान सोच, विचार और आहार त्रि को ही ठीक करना होता है।

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