सौरभ तिवारी/बिलासपुरः किसी भी कॉलेज में स्टूडेंट लेने पर पता चलता है कि वहां कोई भी स्टॉक उपलब्ध नहीं है और कोई भी स्टॉक बाजार में नहीं मिल रहा है, और न ही लाइब्रेरी में किताबें मिल रही हैं। छत्तीसगढ़ के कुछ फिल्मों में छात्रों को कहानी की कमी से पढ़ना पड़ रहा है।
हाँ, तीन साल पहले, नई शिक्षा नीति के अंतर्गत, इन पार्सल में सेमेल सिस्टम लागू किया गया था, लेकिन आज भी स्टूडेंट्स के पास विश्वसनीयता की कमी है। शिक्षा विभाग और प्रबंधन प्रबंधन इस मुद्दे के समाधान के लिए कुछ नहीं कर रहे हैं, वहीं छात्रों के लिए यह समस्या बड़ी हो रही है।
चमेली की कमी से पढ़ाई पर असर
इसके बजाय, छात्रों की पढ़ाई पर असर पड़ रहा है और गांवों में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। छात्र इस मुद्दे का समाधान चाहते हैं, लेकिन अब तक उनकी कोई सुनवाई नहीं हुई है.
यह समस्या इन प्रमुख फिल्मों में हो रही है:
छात्रों को उच्च शिक्षा विभाग और कॉलेज प्रबंधन से समस्या की अपेक्षा है, ताकि वे बिना अध्ययन के पढ़ाई कर सकें।
.
पहले प्रकाशित : 12 अक्टूबर, 2023, 12:21 IST
