अनूप/कोरबाः कटघोरा वनमंडल में हाथियों का झुंड विचरण करता रहता है, बार-बार गजराज विचरण करते हुए जादू पर भी सत्य निकले आते हैं। इस कारण से यूनिवर्सल पर कई घंटों तक सामिल की साख रखी जाती है। वहीं मडई के करीब 45 हैण्डीज़ का झुण्ड हाइवे पर आ गया था, धन्यवाद से हाइवे की समीक्षा एक घंटे तक रुकी रही। हद तो तब हो गई जब लोग हाथियों का वीडियो सड़क पर उतरते हुए बनाने लगे गए. हाथियों के झुंड में बेबी एलीफेंट भी शामिल थी।
बता दें कि, ऐसे में हाथी और भी ज्यादा आक्रामक होते हैं, जब भी लोग वीडियो बनाते हैं तो आप लग जाते हैं, और वीडियो बनाने के चक्कर में लोग अपनी जान भी खतरे में डाल देते हैं। एक तरफ वन विभाग द्वारा लगातार लोगों से अपील की जा रही है कि हाथी विचरण वाले क्षेत्र ना. दूसरी तरफ लोग नहीं मानते हैं. हाइवे पर सचिवालय की सचिवालय कम ना हो, इसके लिए वन विभाग ने हाइवे के 7 जगह-जगह अंडरपास बनाने की दिशा में सबसे पहले शुरुआत कर दी गई है, ताकि हाथी अंडरपास के बीच से आसानी से आना-जाना कर सके और ना ही उनकी राहों में यात्रा की जा सके और ना ही हाईवे में आने जाने वालों की राहें तय की जा सकें।
राष्ट्रीय अंतिम घंटा रहा जाम
असल, कटघोरा वनमंडल में पिछले कई वर्षों से हैंडियों का झुंड विचरण किया जा रहा है, जो बचे हुए हाथों ने इस क्षेत्र को अपना प्रतिष्ठित सलाहकार बनाया है। अक्सर ऐसा देखा जाता है कि, हाथी राष्ट्रीय राजमार्ग कटघोरा-अंबिकापुर मुख्य मार्ग बार-बार पार करते रहते हैं. इस अध्ययन के कारण से घंटों तक सड़क पर जाम लग जाता है।
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पहले प्रकाशित : 11 अक्टूबर, 2023, 14:36 IST
