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‘ज्ञानवापी का धार्मिक चरित्र तो देखना होगा’: सुप्रीम कोर्ट ने प्लेसेज ऑफ वर्शिप एक्ट पर कहा, अगली सुनवाई 16 को


नई दिल्ली. ज्ञानवापी मामले में सुप्रीम कोर्ट में शुक्रवार को हुई सुनवाई में मुस्लिम पक्ष की ओर से हुजैफा अहमदी ने कहा कि मुख्य याचिका मेंटेनबिलिटी की बात है, अगर यह मेंटेनबिल नहीं है तो बाकी की याचिका का कोई मतलब नहीं रहेगा। शीर्ष अदालत ज्ञानवापी मामले में कुल तीन याचिकाओं पर सुनवाई कर रही है।

जैफ़ा अहमदी ने शीर्ष अदालत से कहा कि सुनवाई की सुनवाई किसी दिन सुनवाई की जाए क्योंकि आज की अदालत की सुनवाई समाप्त हो रही है। सुनवाई के दौरान प्लेसेज ऑफ वर्शिप एक्ट को लेकर भी बहस छिड़ गई। मामले की सुनवाई के मुख्य न्यायाधीश (सीजेई) जस्टिस डी वाई चंद्रचूड़ की अवाज वाली तीन जजों की बेंच कर रही है, जिसमें जस्टिस जेबी पारडीवाला और जस्टिस मनोज मिश्रा भी शामिल हैं।

सीजे ने मुस्लिम पक्ष के वकील से कहा कि आप कह रहे हैं कि 1992 के प्लेसेज ऑफ वर्शिप एक्ट के इस मामले के बारे में नहीं सुना जा सकता, लेकिन उनका धार्मिक चरित्र ऐसा क्या था तो जरूर देखेंगे। इसके बाद मुस्लिम पक्ष ने कहा कि हिंदू पक्ष ने खुद ही कहा है कि वो मस्जिद थी, लेकिन हिंदू पक्ष ने इससे इनकार किया और कहा कि उसने ऐसा नहीं कहा है. फिर सुप्रीम कोर्ट ने 16 अक्टूबर तक सुनवाई के लिए टाल दी.

टैग: ज्ञानवापी मस्जिद, ज्ञानवापी मस्जिद, सुप्रीम कोर्ट



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