सुबीर चौधरी कुमार.
पेंड्रा. भोला-भंडारी महादेव के गले में नागाराज के दर्शन आमतौर पर सावन के महीने में सबसे ज्यादा होते हैं। यदि शिवलिंग के आसपास नागराज के दर्शन हो जाएं तो लोगों के लिए यह आस्था का केंद्र बन जाता है। नागराज की प्रति श्रद्धा और अधिक वृद्धि होती है। ऐसा ही एक अद्भुत नजारा पेंड्रा के महादेव मंदिर से देखने को मिला। मंदिर में यहां बने शिवलिंग से कोबरा नारा मिला हुआ। यह नजारा देखते ही देखते लोगों की भीड़ जमा हो गई। वहीं लोग इसे चमत्कार भी पसंद करते हैं। साथ ही हर-हर महादेव के जयकारे भी लगाएं। वास्तव में यह पूरा मामला पेंड्रा जिले के बांदा तालाब रोड पर स्थित है।
यहां एक बेबी कोबरा के लालची होने की जानकारी स्थानीय दलित कैचर को मिली। सूचना बैठक में ही मुख्य विषय पर क्षेत्रीय स्थानीय आदिवासी मेन द्वारिका कोल ने इस दुर्लभ नज़ारे का वीडियो बनाया। स्नेक मेन द्वारिका कोल ने बताया कि उन्हें किसी ने जानकारी दी थी कि पेंड्रा के बांधा तालाब के मेढ़ पर स्थित भगवान शंकर के लिंग पर सांप काफी देर से पड़ा है। मशीन पर देखा तो एक फेन वाला सांप लिंग से लापता हुआ मिला, जिसे बेबी कोबरा के रूप में पहचाना गया।
घ लेआउटो से लॉटरैकर लैंडिंग रहा कोबरा
जानकारी के अनुसार कोबरा को कहीं से भी रिपीट नहीं किया गया था। कई घंटों तक वह लिंग से लिनेरकर ही रुका रहा। वहीं सांप के शिलालेख से लीडरकर बैठे होने की जानकारी ही काफी संख्या में आसपास के लोग वहां पहुंच गए। बैस्ट कैचर द्वारिका कोल द्वारा उस बेबी कोबरा को वहां से रिजर्वेशन कर सुरक्षित स्थान पर छोड़ दिया गया।
अंबिकापुर में भी दिखा ऐसा ही नजारा
छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर जिले से भी ऐसा ही नजारा देखने को मिला था। यहां सरगवां के शिवमंदिर में शिवलिंग पर नाग की स्थापना हुई थी, जिसके बाद बड़ी संख्या में मठाधीशों का तांता लग गया था। नागपंचमी के दिन व्रत रखने वालों के लिए नागपंचमी का विषय बनाया जा रहा है।
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पहले प्रकाशित : 13 अक्टूबर, 2023, 14:53 IST
