
इजराइल-हमास युद्ध।
इजराइल-हमास युद्ध में अब ईरान फिलिस्तीन फिलिस्तीन के साथ खड़ा है। ईरान ने इजराइल को गाजा पट्टी पर घातक हमले जारी रखने के लिए बड़ी चेतावनी दी है। ईरान के विदेश मंत्री हुसैन अमीरबादाजियान ने शुक्रवार को चेतावनी दी कि अगर गाजा पट्टी पर इजराइल पर हमले जारी नहीं किए गए तो हिंसा पश्चिम एशिया की अन्य विचारधारा में हो सकती है। इजराइल को खतरनाक ख़तरनाक देनदारी वाले ईरान का इरादा आसानी से भांपा जा सकता है। इजराइल के पलटवार से ईरान बुरी तरह बौखलाया हुआ है। शुरुआत से ही कहा जा रहा है कि हमास ने इजरायल पर हमले में ईरान की मदद की है।
ईरान के विदेश मंत्री हुसैन बगदाद से लेबनान की राजधानी बेरूत क्षेत्र और उसके बाद सीरिया की राजधानी दमिश्क जायेंगे। ईरान के कथित ‘विरोध की धुरी’ का नेतृत्व इस क्षेत्र में शक्तिशाली चरमपंथी समूह शामिल है। इनमें से लेबनान में हिजबियत और इराक में पारंपरिक मोबाइल फोर्सेज हैं। हुसैन ने लेबनान के विदेश मंत्री से मुलाकात के बाद बेरूत में अध्ययन से बातचीत की। लेबनान के विदेश मंत्री से हुसैन की मुलाकात में दोनों ने गाजा पर इजरायल के बयान को समाप्त करने की आवश्यकता बताई।
इजराइल की सेना कर रही है लक्ष्य युद्ध
हमास पर इजरायल की सेना लगातार घातक पलटवार कर रही है। ईरान के विदेश मंत्री ने हिज्बिस्तान के नेता हसन नसरल्लाह के साथ प्रधानमंत्री नजीब मिकाती और संसद के राष्ट्रपति से मुलाकात की। इसी तरह के खतरे हैं कि युद्ध लेबनान की सीमा तक पहुंच सकता है जहां हिज्ब के लड़ाके शनिवार को दक्षिणी इजराइल पर हमास के हमलों के बाद से चौकन्ने हैं। इजराइल की सेना ने सीरिया के दो प्रमुख अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों पर हमला कर दिया था। दमिश्क और अलेप्पो में हवाई अड्डे पर वारंट के बाद मियामी में डूब गया। इससे पहले सीरिया की ओर से इजराइल के आधिपत्य वाले गोलन हाइट्स क्षेत्र में गोले दागे गए थे। (पी)
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