नीट की सफलता की कहानी: नीट की परीक्षा की तैयारी जिस उम्र में नहीं की जा सकती, उस उम्र में इस लड़की की शादी होनी है। लेकिन ये बाधा इस लड़की को डॉक्टर बनने के सपने को पूरा करने से कभी नहीं रोक पाई. हम आज बात कर रहे हैं, इनका नाम रूपा यादव (Rupa yadav) है. रूपा ने 21 साल की उम्र में साल 2017 में नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (NEET) में 603 अंक हासिल कर ऑल इंडिया रैंक 2,612 हासिल की। इसके लिए उनकी पत्नी और बहनोई ने उनका पूरा साथ दिया। वे दोनों किसान हैं. यहां तक कि बिना शिक्षा के खर्चों को पूरा करने के लिए ऑटो भी रोटेशन की जरूरत है।
84 प्रतिशत अंक के साथ की थी 12वीं पास
जयपुर जिले के करेरी गांव में एक गरीबी से शिकार कर रहे किसान के घर में पैदा हुए संगीतकार यादव, जो उस समय तीसरी कक्षा के थे और उनकी बड़ी बहन रुकमा की शादी हुई थी, यानी शंकरलाल, जो उस समय 12 साल के थे और उनके बड़े भाई बाबूलाल से हुई थी. 10वीं कक्षा की परीक्षा में उन्होंने 84 प्रतिशत अंक हासिल किए, उनके पति और जीजा ने उनकी पढ़ाई जारी रखने में मदद की। शिक्षक यादव ने कक्षा 12वीं की परीक्षा में फिर से 84 प्रतिशत अंक प्राप्त किये और साथ ही घर का कार्यभार भी संभाला।
सरकारी मेडिकल कॉलेज की चाहत में फिर से दी परीक्षा
रूपा ने उसी वर्ष एसएससी बी कोर्स के लिए दाखिला लिया और एआईपीएमटी परीक्षा में भी शामिल हुईं, जिसमें उन्हें 23,000 की अखिल भारतीय रैंक हासिल हुई। मिडिया के डॉ. माहिरा यादव ने कहा, “लेकिन मैं एक अच्छे सरकारी मेडिकल कॉलेज के लिए योग्यता प्राप्त नहीं कर पाया, लेकिन एआईपीएमटी की डिग्री ने मेरे पति और जीजाजी को एमबीबीएस प्रवेश परीक्षा की तैयारी के लिए कोटा विभाग के लिए मान्यता दे दी।”
साल 2016 में वह शामिल हुईं लेकिन अपने लक्ष्य को हासिल करने में सफल रहीं। मीडिया एथिओम के अनुसार अगले वर्ष अपने कोचिंग संस्थान से स्कॉलरशिप के साथ उन्होंने अंततः सफलताओं को पार करने में बाधा उत्पन्न की।
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पहले प्रकाशित : 14 अक्टूबर, 2023, 10:23 IST
