सृष्टि चौधरी
अक्टूबर की शुरुआत से अब तक पिछले 15 दिनों में उत्तर पश्चिम भारत के 6 राज्यों में हर दिन पराली जलाने की कम से कम 160 घटनाएं सामने आई हैं। जबकि अभी धान की फसल का पूरा सीजन बाकी है। पराली से स्नातक की उपाधि प्राप्त करने के लिए पैरामीट्रिक सामान के साथ पंजाब और हरियाणा दो ऐसे राज्य हैं जहां अकेले 70% घटनाएं सामने आ रही हैं। इससे- दिल्ली सहित उत्तर भारत के कई राज्यों में प्रदूषण की समस्या बढ़ती जा रही है।
एनजीटी की रोक का कोई असर नहीं
नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने पूरी तरह से रोक लगा रखी है। इसके बावजूद इस सीज़न की शुरुआत से ही धड़ल्ले से पराली जलाई जा रही है। जिसका असर दिल्ली की हवा पर दिख रहा है। 14 अक्टूबर को दिल्ली एयरलाइंस का एयर स्केल स्टॉक (AQI) 257 तक पहुंच गया था, जो बहुत खराब श्रेणी में आता है।
हालाँकि 15 अक्टूबर को थोड़ा सुधार हुआ। लेकिन आने वाले दिनों में एयर क्वालिटी सोलोमन और डीले का खतरा है। मौसम विभाग के अनुसार अभी इस मंगलवार (17 अक्टूबर) तक एयर स्केल स्टॉकहोम सामान्य रह सकता है। उसके बाद हवा की व्युत्पत्ति.
82 फ़ीसदी शानदार घटनाएँ
सितंबर के दूसरे सप्ताह के बाद जब धान कटाई का मौसम शुरू हुआ, तब से 15 अक्टूबर तक 2,791 लोगों की बिजली सेंसिंग सैटेलाइट्स में जमा हो गई। जो पिछले साल इसी अवधि के सकल घरेलू उत्पाद 82 प्रतिशत अधिक हैं. पिछले साल इसी अवधि में इसी तरह की 1528 घटना सामने आई थी।
इस बार बीजेपी का गठबंधन हरियाणा में पराली के संस्मरणों में बेताशा का खंडन हुआ है। पिछले वर्ष इसी अवधि की 168 घटनाएँ 542 घटनाएँ सामने आईं। हरियाणा के दो जिले- बरेली और जयपुर में सबसे ज्यादा पराली जलाने के मामले आए हैं।
पंजाब टॉप पर
उधर, पंजाब में भी पराली पर लगाम नहीं लग रहा है। राज्य की आम आदमी पार्टी (आप) सरकार ने पिछले साल वादा किया था कि वह 50 फ़ीसदी से भी कम समय में अली की कहानियाँ प्रकाशित करेंगी, लेकिन अभी तक कोई सफलता नहीं मिली है। परले के सबसे मशहूर केस पंजाब कैसे हैं। अमृतसर ऐसा जिला है जहां सबसे ज्यादा परली जलाई जा रही है। इसके बाद तरनतारन ( तरनतारन ) और पटियाला (पटियाला) हैं।
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टैग: वायु गुणवत्ता सूचकांक, धुंध, पराली जलाना, पराली की आग
पहले प्रकाशित : 16 अक्टूबर, 2023, 11:45 IST
