Homeहेल्थ & फिटनेसउद्यम से जुड़े हुए हड्डियाँ हो अस्थि टुकड़े? ऑस्टियोपोरोसिस का हो...

उद्यम से जुड़े हुए हड्डियाँ हो अस्थि टुकड़े? ऑस्टियोपोरोसिस का हो सकता है शिकार, डॉक्टर से जानें इस बीमारी की 10 बड़ी वजहें


उत्तर

शरीर में कैल्शियम की कमी से आपकी हड्डियाँ ख़राब हो सकती हैं।
बिना एक्टिविटी वाली लाइफस्टाइल से भी ऐसा हो सकता है।

ऑस्टियोपोरोसिस के कारण: हड्डियों से जुड़ी समस्या लगातार बढ़ती जा रही है और आज के दौर में कम उम्र के लोगों की हड्डियां भी तेजी से खराब हो रही हैं। हड्डियों को मजबूत बनाये रखने के लिए कैल्शियम और विटामिन डी से प्राप्त पदार्थों का सेवन भी आवश्यक है। कई लोगों की हड्डियाँ ख़राब होती हैं और कुछ सी चोट लगने पर फ्रैक्चर हो जाता है। ऐसा अक्सर लोगों में होता है लेकिन आजकल युवा भी इस परेशानी का शिकार हो रहे हैं। किडनी की इस बीमारी को ऑस्टियोपोरोसिस कहा जाता है। आज डॉक्टर से जानेंगे कि यह बीमारी क्या है और इसका कारण क्या है।

नैचुरल के अपोलोमेडिक्स हॉस्पिटल के इंटरनैशनल इम्पीरियलोलॉजी एंड रूमेटोलॉजी कंसल्टेंट डॉ. चिराग राज कुमार कॉप के अनुसार ऑस्टियोपोरोसिस डिस्क से जुड़ी एक गंभीर बीमारी है। इस बीमारी में व्यक्ति की हड्डी मास डेंसिटी (बीएमडी) कम हो जाती है, जिसके कारण हड्डियां कमजोर हो जाती हैं और उनकी हड्डियों का खतरा बढ़ जाता है। यह बीमारी के सामान को इतना मोटा बना देता है कि हड्डी में भी अस्थिभंग हो सकता है। ऑस्टियोपोरोसिस रेडियोधर्मी अल्ट्रासाउंड, कलाई या रीढ़ की हड्डियों में होते हैं। इस बीमारी की वजह से आम आघात के दौरान हड्डियों में फ्रैक्चर भी हो सकता है। ऑस्टियोपोरोसिस बीमारी महिला और पुरुष दोनों प्रभावित होती है, लेकिन एशियाई महिलाओं को यह सबसे ज्यादा खतरा होता है। मेनोपोज के बाद महिलाओं को खतरा अधिक होता है।

ऑस्टियोपोरोसिस बीमारी किन कारणों से होती है?

डॉ. चिराग के मुताबिक ऑस्टियोपोरोसिस की बीमारी 50 साल से ज्यादा उम्र की महिलाओं में होती है, लेकिन अब यह पुरुषों में भी कम उम्र के लोगों में होने लगी है। ऑस्टियोपोरोसिस डिजीज कैल्शियम की कमी के कारण होता है। महिलाओं के लिए एस्ट्रोजन बी ब्रांड लेवल को बनाए रखना बहुत महत्वपूर्ण है। रजोनिवृत्ति के बाद शरीर में एस्ट्रोजन लेवल कम होने से बीएमडी में तेजी से गिरावट आती है। इसकी वजह से इस बीमारी का प्रकोप बढ़ता जा रहा है। टाइफाइड लाइफस्टाइल, खान-पान की गलत आदतें, जेनेटिक कारण और मोटापे की कमी से ऑस्टियोपोरोसिस की बीमारी हो सकती है। इसके अलावा सीलिएक रोग, किडनी-लिवर की बीमारी और कैंसर से ऑस्टियोपोरोसिस होने का खतरा बढ़ जाता है।

यह भी पढ़ें- एफएमसीज़ में होना है फ्लोरिडा, आज ही 5 फूड्स का शुरू हुआ सेवन, उपखंड कोसन दूर

ये भी हो सकता है वाजिब

– इम्प्लांट इनएक्टिविटी
– वेट स्मोकिंग
– अधिक शराब का सेवन
– वजन तेजी से कम होना
– रुमेटाइड अर्थराइटिस
– कुछ औषधियों का सेवन

यह भी पढ़ें- इन 5 कारणों से हो सकती है स्पाइन की बीमारी, तुरंत सुधार लें गलत आदतें, 90 ऐसे बच्चे हो सकते हैं ठीक

इस बीमारी से बचाव कैसे करें?

डॉक्टर के अनुसार ऑस्टियोपोरोसिस से बचाव के लिए पोटेशियम और विटामिन डी लें, कम वसा वाले समूह उत्पाद लें, हरी पत्तेदार मसाला और कैल्शियम से भरपूर खाद्य पदार्थ लें। इसके अलावा आपको विटामिन डी विटामिन या डेली मल्टीविटामिन लेना भी आवश्यक हो सकता है। नियमित रूप से वजन बढ़ाने वाले व्यायाम करें। धूम्रपान और शराब से दूरी। यदि आप एक महिला हैं और आपका रजोनिवृत्ति हाल ही में हुआ है, तो ऑस्टियोपोरोसिस की जांच के बारे में अपने डॉक्टर से बात करें। अपने चिकित्सक से सलाह लेकर हड्डियों की स्ट्रैटिजी के लिए सही सलाह लें।

टैग: स्वास्थ्य, जीवन शैली, ट्रेंडिंग न्यूज़



Source link

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Must Read

spot_img