उत्तर
विरोधियों को उल्टा करने के लिए रोजना साबुत और सार्वभौम को पूरी नींद की जरूरत होगी।
90 प्रतिशत प्लांट बेस्ड फूड चलाएंगे तो सहकर्मियों की छुट्टियाँ हो सकती हैं।
क्या मधुमेह को उलटा किया जा सकता है: ऐसी बीमारी है खून जिसमें शुगर की मात्रा बढ़ जाती है। यह शुगर ब्लड के माध्यम से रेलवे, ढामनियों, शिराओं को पार करते हुए शरीर के कोने-कोने में पहुंचा जाता है। ध्यान देने योग्य बात यह है कि भोजन से जब शुगर फ़ारेनहाइट है तो यह काम करता है एनर्जी को बदलने के लिए, जिससे हमें ताकत मिल सके और हम हर तरह का काम कर सकें। लेकिन जब यह शुगर (कार्बो हाइड्रेट) ऊर्जा में नहीं होगी तो शरीर के कोने-कोने में पहुंच और इससे कई तरह की आसानी पैदा होती है। सबसे पहले यूरोपियन को शुगर गुडने में बहुत मेहनत करनी पड़ती है।
दूसरा शुगर धमनियों के माध्यम से हृदय से शरीर के अंग-अंग में प्रवेश। यानी शुगर की बीमारी हो जाए तो किडनी, दिल, आंख, फेफड़े आदि पर असर पड़ना स्वाभाविक है। ऐसे में सवाल यह है कि क्या मरीजों की बीमारी से छुटकारा पाया जा सकता है या मरीजों की बीमारी से पूरी तरह मुक्ति पाई जा सकती है।
ब्रिटिश डायबिट्स डॉट यूके का कहना है कि अगर किसी को मरीज़ चुकाना पड़ा है तो उसे पूरी तरह से खत्म करना नामुमकिन है लेकिन कुछ सुधारों से लेकर मरीज़ों को पूरी तरह से नियंत्रित किया जा सकता है। यानि अगर कार्यकर्ता भी है तो इसका असर न के बराबर होगा, इसके लिए जीवन में कई तरह के सुधार की जरूरत होगी।
इस तरह होगा सॉसेज का असर नोट
1. वजन कम-अगर सहकर्मी हैं और वजन बढ़ा हुआ है तो फिर भूल जाइए कि आपका सहकर्मी कभी भी सुधा बन सकता है। लेकिन अगर आपका वजन कम हो गया है तो निश्चित रूप से आपका वजन बेहद कम हो सकता है। इसमें दवा की जरूरत कम डॉक्टर और ब्लड शुगर का स्तर भी बहुत कम हो जाएगा। फिर ऐसा कुछ भी नहीं कि आपको कर्मचारी ही नहीं. वजन कम करने के लिए रोजाना तेज चलना, दौड़ना, साइकिल चलाना, साइकिल चलाना आदि की जरूरत होगी जिसमें कठिन डेडिकेशन जरूरी है। वोरटाइम प्लेसमेंट में कोई शॉर्ट कट नहीं है।
2.अंतःक्रिया-वजन कम करने के बाद आपको बेहतर चीजों की जरूरत है। इसके लिए जिप्सम सामग्री, अधिकांश नमक, अधिकांश चीनी वाली चीजें, जमे हुए भोजन, फास्ट फूड, रेड मीट को व्यवस्थित करना होगा और कुदरती तरीके से तैयार भोजन को ग्रहण करना होगा। यानि 90 प्रतिशत प्लांट बेस्ड भोजन करेंगे तो सहकर्मियों की छुट्टियाँ हो सकती हैं। इसके लिए मोटा अनाज, साबुत अनाज आदि को बिना ज्यादा मात्रा में भूने खाना होगा। भोजन का आधा हिस्सा हरे पत्ते वाले पत्ते और पत्तों से पूरा करना होगा।
3.एक्सरसाइज-अगर आपने कड़ी मेहनत कर वजन कम किया है तो आपको भी हर रोज वजन कम करना होगा। प्रतिदिन 45 से 1 घंटे तक की यात्रा करें. रिसर्च करने के लिए जरूरी नहीं कि आप जिम जाएं बल्कि खुद से भी इसे कर सकते हैं। इसके लिए ऐसे फॉर्मूले हैं जिनसे आपका वजन कम हो जाएगा।
4. अच्छी नींद- विरोधियों को उल्टा करने के लिए रोजना साबुत और सार्वभौम को पूरी नींद की जरूरत होगी। नींद में कमी या खलल शुगर की मात्रा बढ़ जाना। इसलिए हर रोज 7 से 8 घंटे की नींद पूरी करें। अगर नींद नहीं आती तो योग और ध्यान से इसका इलाज किया जा सकता है।
5. तनाव और चिंता से मुक्ति-तनाव और चिंता के ऐसे कारक हैं जो शरीर को हिलाकर रख देते हैं। अगर आप तनाव और चिंता में हैं तो ब्लड शुगर कभी कम नहीं होगा। इसलिए तनाव और चिंता से चिंता से मुक्ति की पहली शर्त है।
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पहले प्रकाशित : 17 अक्टूबर, 2023, 22:12 IST
