रक्तचाप में तोरई की सब्जी के फायदे: आज हम आपको एक विदेशी सब्जी तोरई के बारे में बता रहे हैं। यह तोरई (तुरई) जैसी ही होती है, लेकिन गुण और स्वाद में अलग है। विभिन्न प्रकार की सब्जी बनाने में ज्यूकिनी का रोल तो होता ही है, साथ ही केक का उपयोग भी खूब किया जाता है. जूसिनी को शरीर के लिए बेहद गुणकारी माना जाता है। यह ब्लड उपकरण को नियंत्रित करता है. अगर इसका नियमित सेवन किया जाए तो इससे वजन भी नहीं बढ़ता है।
क्लाइमेट, गहरा हरा और पीला रंग भी डेटिंग में है
जब भी आप सब्जी मार्केट जाएं तो वहां आपको लंबी-लंबी तोरी जैसी सब्जी जरूर देखने को मिलेगी। यह आम बात है, लेकिन यह तोराई से ज्यादा डार्क ग्रीन, कॉमर्स और बड़े पैमाने पर लागत वाली होगी। कहीं-कहीं इसका रंग सुर्ख पीला भी दिखेगा। यही जुकिनी है. इसकी स्वादिष्ट और ग्रेवी वाली सब्जी बनाई जा सकती है. कई देशों में इसे भूनकर या नॉनवेज के साथ भी खूब खाया जाता है। यह हलकी सी मिठाई भी होती है और भी अन्य फल और सब्जियों के साथ बहुत अच्छी लगती है. इस चीज़ को बेहद व्यावसायिक माना जाता है। तोरी को खाने से पहले उसका छिलका निकाला जाता है, लेकिन जुकिनी को बिना खाल के ही निकाला जा सकता है।
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अब तो 12 महीने के लिए फूड स्टोर्स पर आवास उपलब्ध है
अगर पूछा जाए कि इटली में जुकिनी का सबसे ज्यादा पर्यटन किस देश में है, तो माना जाता है कि इटली में जुकिनी का सबसे ज्यादा दौरा किस देश में है। कुछ खाद्य हिस्टोरियन इसकी उत्पत्ति इटली को ही मानते हैं। लेकिन यह भी कहा जाता है कि जुकिनी के ‘पूर्वज’ अमेरिकी क्षेत्र से करीब 7 हजार साल पहले आए थे। तब यह सबसे पहले दक्षिण अमेरिका और मैक्सिको में पैदा हुआ था। इसका जुकिनी नाम इटालियन है और संयुक्त राज्य अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और कनाडा में इसे इसी नाम से जाना जाता है। भारत में अब जुकीनी आसानी से पैदा होती है। इसी प्रकार गर्मी का मौसम ऋतु माना जाता है। लेकिन आजकल बड़े फार्म स्टोर्स में इसे पूरे साल खरीदा जा सकता है।
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दिल को स्वस्थ और ब्लड फ्लो को मत भूलना
ज्यूकीनी को भोजन में शामिल करने से लेकर कई बड़े बर्तनों को दूर रखा जा सकता है। फ़्रैंचाइज़ी रेस्तरां और रेस्तरां नीलांजना सिंह के ज्यूकिनी में फ़ेट नहीं होता, कार्बोहाइड्रेट भी न के बराबर है लेकिन एडिबल रेस्टॉरेंट सेपरेट है। इसलिए हार्ट के लिए इसे बेहद गुणकारी माना जाता है। यह बेड ऑनलाइन भी नहीं बढ़ेगा।
इसमें समसामयिक मात्रा में मात्रा होती है, जो रक्त के टुकड़ों को नियंत्रित में रखा जाता है, इसलिए ज्यूकिनी का नियमित सेवन करना कहा जाता है। ज्यूकीनी को लो-कैलोरी भोजन माना जाता है, इसमें भूख भी अधिक होती है, इसलिए पेट भरा-भरा रहता है। मित्रता दोनों के मिश्रण से वजन में वृद्धि नहीं होती है। लेकिन ध्यान दें कि अगर पूरी तरह से वजन को नियंत्रित करना चाहते हैं तो नियमित दिशानिर्देश भी जरूरी है।
इसमें आंखों की रोशनी को स्वस्थ बनाए रखने के गुण होते हैं
एक रिसर्च रिपोर्ट में यह भी जानकारी दी गई है कि आंखों की रोशनी को स्वस्थ बनाए रखने की क्षमता होती है। उसका कारण यह है कि इस सब्जी में ल्यूटिन और जेक्सैथिन (आंखों को बेचने से बचने वाले एंटीऑक्सीडेंट) तत्व पाए जाते हैं। इसलिए इसका सेवन करना चाहिए. बुड्ढापे में आकर्षक आंखों की रोशनी को रोक में भी यह सब्जी गुणकारी है। ज्यूकिनी को शरीर की प्रतिरक्षा शक्ति भी बरकरार रखने में सहायक माना जाता है। ऐसा भी माना जाता है कि ज्यूकिनी में मैंगनीज खनिज की पर्याप्त मात्रा होती है, जो मस्तिष्क के तंत्रिका तंत्र को ठंडा बनाए रखती है।
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पहले प्रकाशित : 18 अक्टूबर, 2023, 01:31 IST
