Homeहेल्थ & फिटनेसपेनकिलर औषधियों का निर्र्थक औषधियों से उपयोग किया जा सकता है।

पेनकिलर औषधियों का निर्र्थक औषधियों से उपयोग किया जा सकता है।


उत्तर

हमारे शरीर का ख़ून दिन में कम से कम 40 बार किडनी से सबसे आगे है।
यदि पर्याप्त पानी नहीं पीएं तो किडनी से बाहर निकलें और अन्य विषाक्त पदार्थ कम निकलें।

7 बुरी आदतें आपकी किडनी को नुकसान पहुंचाती हैं: किडनी हमारे शरीर की छन्नी है। किडनी बॉडी के अंदर बने वेस्ट मटेरियल या टॉक्सिन को पेशाब के रास्ते शरीर से बाहर निकाला जाता है। इसके अलावा जीव विज्ञान में तरल पदार्थ को शामिल किया गया है। किडनी में बने अतिरिक्त पदार्थ, फास्फोरस, पानी, नमक, पोटैशियम जैसे अतिरिक्त तरल पदार्थ शरीर को बाहर निकाल देते हैं। हमारे शरीर का ख़ून दिन में कम से कम 40 बार किडनी से सबसे आगे है। इस दौरान किडनी से जुड़ी अच्छी चीजों की जरूरत होती है और उन्हें बाहर निकाल दिया जाता है। इसलिए यदि किडनी की संरचना में अंतर है तो इंसान के जीवन में खतरा पहुंच जाता है।

इसके साथ ही, जब शरीर में खनिज पदार्थ और नमक अधिक मात्रा में बन जाते हैं तो यह ऑक्सीजन में तरल पदार्थों के ठोस रूप में जमा हो जाते हैं। इससे शरीर का बुनियादी ढांचा प्रभावित होता है। किडनी खराब होने में सबसे प्रमुख रूप से हम खुद जिम्मेदार होते हैं। हमारी कई सनातनी प्रथाओं पर डाका डाले जाते हैं। आइए जानते हैं कि ये कौन-कौन सी सनाती आदतें हैं डायनोरियोन खराब होती हैं।

इन लक्षणों से किडनी पर होता है संकट

  • 1. निर्दयी पेन किलर का उपयोग-राष्ट्रीय बायोडाटा फाउंडेशन के अनुसार बिना मतलब या निर्र्थक पेन किलर वाली डोकलाम पर डाका डाला जाता है। रिपोर्ट में कहा गया है कि नॉनस्टेरॉइडल एंटी-इंफ्लेमेटरी गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल (NSAIDs) किडनी को नुकसान पहुंचाता है। जब हमें सिरदर्द, मसल्स में सर्दी, सर्दी-जुकाम, वायरल फ्लू, होम पेन होता है तो हम आम तौर पर एनएसए ड्रग का इस्तेमाल करते हैं। इनमें से आइक्यूप्रोफेन, नेप्रोक्सेन, डिक्लोफेनेक, एस्परिन आदि अनाज लेते हैं लेकिन कुछ लोगों की आदत होती है कि अगर उन्हें भी दर्द महसूस होता है तो इन मसालों को नुकसान होता है। कई लोगों को एस्परिन की लत लग जाती है. लेकिन ये सनातन आदतें लोकतंत्र के लिए बहुत नुकसानदेह है। इसलिए इन सुझावों को छोड़ दें. जब तक डॉक्टर की सलाह न हो, पेनकिलर डिटर्जेंट का प्रयोग न करें।
  • 2. ज्यादा नमक-ज्यादा नमक का सेवन न सिर्फ ब्लड लॉस को रिकवर करता है बल्कि इससे किडनी पर भी बुरा असर पड़ता है। इसलिए अपने भोजन में अधिक मात्रा में नमक की जगह और जड़ी-बूटियों का प्रयोग करें।
  • 3. शाकाहारी भोजन-प्रोसेस्ड भोजन ऑवरऑल स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाता है। इसमें फास्फोरस और सोडियम की मात्रा अधिक होती है, जिसके कारण किडनी को अधिक मेहनत करना पड़ता है। इसलिए रेस्तरां की जगहें। प्लांट बेस्ड अनाज का मुख्य सेवन करें।
  • 4. बुनियादी और स्वस्थ जीवन के लिए पानी बहुत जरूरी है। यदि पर्याप्त पानी नहीं पीएं तो किडनी से बाहर निकलें और अन्य विषाक्त पदार्थ कम निकलें। ये दोनों यूरोपीय तत्व किडनी में रह जाएंगे तो किडनी को नुकसान पहुंचाना शुरू हो जाएगा।
  • 5. रात में कम नींद अगर अच्छी नींद न आए तो असरदार किडनी पर भी असर पड़ता है। स्लीप लैपटॉप के बुनियादी ढांचे से किडनी पर ओवरलोड हो जाएगा।
  • 6. अधिक मात्रा में चीनी-ज्यादा चीनी खाने से ब्लड की मात्रा और मधुमेह का खतरा तो साथ ही रहता है, इसके लिए यह किडनी डिजीज के लिए भी जिम्मेदार है। जिस पेय में शुगर की मात्रा अधिक होती है, उसका भी सेवन कम करना चाहिए।
  • 7. शराब का सेवन-शराब और धूम्रपान करने वाली दोनों चीजें सिर्फ फेफड़ों और लीवर पर असर नहीं करती हैं बल्कि ये दोनों चीजें शराब और धूम्रपान दोनों ही चीजें सिर्फ फेफड़ों और लीवर पर ही असर करती हैं।

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