ओपीपी/सोपानकोरबा. देश में नवरात्रि का पर्व बड़े पैमाने पर ही धूम धाम से मनाया जा रहा है। वहीं, नवरात्रि के पर्व में लोग व्रत भी रखते हैं। वहीं, त्योहारों के सीजन में कांस्टेंट वनों की खेप में बढ़ोतरी हो रही है। पिछले पखवाड़े तक सामान्य मूल्य पर लोगों को अलग-अलग प्रकार के फल प्राप्त हो रहे थे। वहीं, फलों की खेती को लेकर लोग अलग-अलग तरह के तर्क देते हैं।
शारदीय नवरात्रि पर मां दुर्गा की पूजा करने वाले लोग बड़ी संख्या में पूजा-अर्चना के साथ-साथ आते हैं 9 दिन तक रोज़ होते हैं. इसी दौरान एनीमेशन से अलग हटकर फलाहार पर प्रतिबंध होता है। ऐसे में बाजार में आने वाले फलों की मांग शानदार है, बल्कि उनकी कीमत भी आसमान छू रही है। फलों के स्वाद में अच्छा ही कोई अंतर ना आया हो, लेकिन यूक्रेन में जबरदस्त उछाल आया है। व्रत करने वाले लोग जबरन फल खरीदकर सेवन कर रहे हैं। जबकि स्थानीय लोगों का कहना है कि निर्माण कम हो रहा है और अन्य लक्षण अप्रत्याशित बड़े हैं।
फलों की आख़री में भारी उछाल
बाजार के निष्कर्ष ने बताया कि केवल फल ही नहीं, बल्कि अलग-अलग क्षेत्र से संबंधित लाभ की मांग का एक समय होता है। ऐसे में इमेज टैब आती है, जब मांग बहुत अधिक होती है और निजीकरण करना कठिन हो जाता है। इस स्थिति में कुछ लोग सक्रिय हो जाते हैं। जो कि फलों की कालाबाजारी और जामखोरी करने लगे हैं। फलों की झील में भारी उछाल देखने को मिल रही है।
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पहले प्रकाशित : 18 अक्टूबर, 2023, 13:26 IST
