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गाजा पर इजरायली बमबारी से पूरी दुनिया में हाहाकार मच गया है। गाजा पर इजरायली हमले से लेकर इस्लामिक दुनिया के अलग-अलग विचारधाराओं में बसे विचारधारा वाले लोग बने हुए हैं। जर्मनी की राजधानी बर्लिन में एक ऐसा ही मामला सामने आया है। पश्चिम एशिया में इजराइल और हमास के बीच हिंसक संघर्ष चल रहा है जर्मनी में यहूदी विरोधी घटनाओं में बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। बर्लिन स्थित एक पूजागृह पर बुधवार को पेट्रोल बम से हमला किया गया। काहल अदास जिस्रोएल कम्यूनिटी ने कहा कि उसके इबादतगृह में दो बम फेंके गए।
पुलिस ने यहूदियों के पूजागृह पर पेट्रोल बम से हमले की घटना की पुष्टि की है। कम्यूनिटी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर एक पोस्ट में लिखा, “अज्ञात लोगों ने सड़क से दो पेट्रोल बम फेंके।” रविवार की सुबह एएमआरएस पुलिस अधिकारी जांच पर नजर रखने पहुंचे। जर्मनी के प्रमुख यहूदी समूह ने कहा कि हमलों में दो लोग शामिल थे, लेकिन उन्हें कोई और जानकारी नहीं मिली। सेंट्रल काउंसिल ऑफ जूज़ ने एक बयान में कहा, “हम सभी पर इस जानलेवा हमले से हमला किया गया है।”
हमास ने कहा कि हर यहूदी को ख़त्म करने की दुआ है
हर यहूदी को ख़त्म करने का असर जर्मनी में हमास के अलगाव पर भी पड़ रहा है।” बर्लिन के मध्य में काहल अदास जिस्रोएल समुदाय भवन परिसर में एक यहूदी पूजागृह, एक किंडरगार्टन, एक येशिवा स्कूल और एक मनोवैज्ञानिक केंद्र है। सात अक्टूबर को इजरायल पर हमास के हमले और उसके बाद गाजा में हुए युद्ध के बाद पुलिस ने बर्लिन और पूरे जर्मनी में यहूदी अपराधियों की सुरक्षा बढ़ा दी है। जर्मनी में स्थिति यह है कि पूरे देश में सिटी हॉल के सामने एकजुटता के संकेत के रूप में इजराइली झंडे लगाए गए हैं और जलाए गए हैं। (पी)
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