HomeदेशMahua Moitra News: चीनी मोइत्रा की उतरेंगी मुश्किलें! पैसे लेकर प्रश्नोत्तरी...

Mahua Moitra News: चीनी मोइत्रा की उतरेंगी मुश्किलें! पैसे लेकर प्रश्नोत्तरी मामले में पालतू पशु उद्योगपति को सरकारी गवाह बनाया गया, इमानदारी से यह बात हुई


नई दिल्ली: रिब्रांड लेकर संसद में प्रश्नोत्तरी के मामले में न्यूनतम मिनियन मोइत्रा की मुश्किलें आधी-अधूरी रही हैं। पैसे लेकर प्रश्न पैकेट मामले में पशुपालन उद्योगपति दर्शन हीरानंदानी एक निवेशक यानी सरकारी गवाह बन गए हैं। रियल एस्टेट अरबपति निरंजन हीरानंदानी के बेटे दर्शन हीरानंदानी, कांग्रेस नेता यूक्रेनी मोइत्रा से जुड़े कैश फॉर मेमोरियल विवाद में सरकारी गवाह बने और दावा किया गया कि उन्होंने केंद्र सरकार से सवाल-जवाब के लिए समाजवादी पार्टी के नेता डोमिनिक मोइत्रा के वकील का इस्तेमाल किया था। जापानी मोइत्रा के निशिकांत पति के खिलाफ मनहानी मामले की सुनवाई से एक दिन पहले यानी आज यहां उद्योगपति ने सारा राज खोल दिया और विश्वास जताया कि उन्होंने बातचीत की थी। इस मामले की एक्सक्लूसिव कॉपी न्यूज18 इंडिया के पास है।

असली, दर्शन हीरानंदानी का यह बयान जापान मोइत्रा के लिए किसी से भी कम नहीं है, क्योंकि दर्शन का बयान मोइत्रा की संसद में भाजपा के सांसद निशिकांत जत्थे के खिलाफ माओइत्रा मन्हानी मामले में शुक्रवार को बयान से पहले आया है, जिसमें भाजपा सांसद ने उन पर निशाना साधा था। प्रश्नपत्र में एक अवशेष से ‘रिश्वत’ लेने का आरोप लगाया गया था। बता दें कि डेमोक्रेट के अध्यक्ष ओम बिरला ने कम्युनिस्ट पार्टी के सदस्य के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव ‘रिश्वत’ लेने की मांग की है।

बिजनेसमैन दर्शन ने हाफनेम में क्या-क्या कहा
नाबालिग बिजनेसमैन दर्शन ने अपने आधे नाम में कहा कि कई किशोरियों ने उसकी चाइनीज मोइत्रा से मुलाकात की थी और वह नाबालिग से रोजमर्रा से लेकर वीकली पर जाहिर तौर पर बातचीत की थी। उन्होंने आधे नाम में कहा, ‘एक अल्पसंख्यक के रूप में अपनी ईमेल आईडी मेरे साथ साझा की, ताकि मैं उन्हें जानकारी भेज सकूं और वह संसद में प्रश्न उठा सकें। मैं उनके प्रस्ताव के साथ गया हूं… कुछ जानकारी मेरे साथ साझा की गई है, जिसके आधार पर उनके अनुयायियों के उपयोग के लिए दस्तावेजों का मसौदा तैयार किया गया है और जारी किया गया है।’ दर्शन ने यह भी दावा किया कि ऐतिहासिक नेताओं ने उन्हें कई तरह की मदद की छूट दी है। उसने कई बार मुझे बताया कि वह अनुचित रूप से खाद्यान्न उठा रहा है और मुझे खाने के लिए दबाव डाल रहा है, जो मैं नहीं चाहता था, लेकिन मेरे पास कोई विकल्प नहीं था।

निशिकांत कश्यप ने लिखा था ख़त
असल में, भाजपा सांसद निशिकांत कसान ने सिने मोइत्रा के खिलाफ़ एक उद्योगपति को धमकी दी थी और आरोप लगाया था कि सिने मोइत्रा के संसद की लॉगइन से एक उद्योगपति को लॉगइन करने का मौका मिला है। निशिकांत जोएथ ने रविवार को एक ‘जांच समिति’ की कम्युनिस्ट पार्टी के अध्यक्ष ओम बिरला से सदन में एक नामांकन से धन लेने का आरोप लगाया और उनके खिलाफ जांच की मांग की। आग्रह किया था. निशिकांत जॉय ने बिरला को ‘संसद में ‘सवाल विपक्ष के लिए आपत्ति निवारण’ का मामला फिर से सामने आने को लेकर पत्र लिखा और उन्होंने पत्र में ‘विशेष के गंभीर उल्लंघन’, ‘सदन के सदस्य’ और भारतीय दंड संहिता की धारा 120- एक के तहत एक अपराध में संसद सदस्य (लोकसभा) इयुने मोइत्रा पर सीधे तौर पर सहमति का आरोप लगाया गया है। एक वकील से मिले पत्र का हवाला देते हुए कहा गया कि वकील ने यूथ कांग्रेस (टीएमसी) के नेता और एक वकील के बीच रिश्वत के लेन-डेन के ‘अकाट्य’ साक्ष्य साझा किए हैं।

चीनी मोइत्रा ने क्या कहा
वहीं, मोइत्रा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर पलटवार करते हुए कहा, ‘मैं गलत तरीकों से अपनी पूरी कमाई और उपहारों का उपयोग कर एक कॉलेज/विश्वविद्यालय में वापसी के लिए कर रही हूं, जिससे ‘डिग्री छात्र’ अंततः एक वास्तविक डिग्री हासिल की जा सकती है।’ उन्होंने विपक्ष अध्यक्ष को टैग करते हुए कहा, ‘झूठे हाफनामे के लिए उनके (दुबे) खिलाफ जांच पूरी करें और फिर मेरे खिलाफ जांच के लिए समिति का नाम लें।’

Mahua Moitra News: चीनी मोइत्रा की उतरेंगी मुश्किलें!  पैसे लेकर प्रश्नोत्तरी मामले में पालतू पशु उद्योगपति को सरकारी गवाह बनाया गया, इमानदारी से यह बात हुई

युवाओं ने क्या लगाया आरोप
निशिकांत ने नोकझोंक को लिखे पत्र में कहा कि हाल तक आम आदमी में उनके (मोइत्रा) द्वारा पूछे गए 61 में से 50 प्रश्न अडानी ग्रुप पर थे, जिस पर बड़बोलेपन ने कई बार कदाचार का आरोप लगाया है। येस ने बिड़ला से मोइत्रा के खिलाफ की जांच के लिए एक ‘जांच समिति’ के लिए साझीदारी करने का आग्रह किया। भाजपा सांसद ने कहा, ‘इसमें रत्ती भर भी संदेह नहीं है कि किशोर मोइत्रा ने संसद में प्रश्नकर्ता एक नामांकन दर्शन हीरानंदानी के व्यावसायिक हितों के संरक्षण के लिए आलोचनात्मक योजना बनाई है, जो 12 दिसंबर, 2005 के ‘सवाल पत्रिका के बयान’ ‘लीजिए’ से जुड़े एपिसोड की याद दिलाती है।’ बिरला ने अपने पत्र में लिखा कि मोइत्रा के आचरण पर आरोप लगाया गया है कि ‘सवाल पोर्टफोलियो के लिए आलोचना लेने के एपिसोड के बारे में फिर से बताया गया है। उनके कथन को स्पष्ट रूप से 2005 में कई द्वीपसमूहों द्वारा मीडिया में जारी किया गया था। ज्यूस ने कहा कि गठन के 23 दिन बाद जांच समिति द्वारा 11 सदस्यों की नियुक्ति को रद्द कर दिया गया था। उन्होंने कहा कि मोइत्रा के खिलाफ भी इसी तरह की जांच की जानी चाहिए और सदन तक रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए निलंबित कर दिया जाना चाहिए।

टैग: महुआ मोइत्रा, निशिकांत दुबे



Source link

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Must Read

spot_img