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बजरंगबली का इकलौती गांव जहां नौ देवियों की नहीं बल्कि इस माता की होती है पूजा, जानिए


आखिरी बड़कुल/दमोह. एमपी के दमोह जिले के इमलाई गांव में देश प्रेम की अलख जग रहे दीपक साहू ने अनोखा काम किया है। इस बार भी वह भारत माता की मूर्ति बनाने में सफल रहे। बता दें कि नवरात्रि के अवसर पर उन्होंने नौ देवियों की मूर्ति स्थापित नहीं की बल्कि भारत माता की मूर्ति पूजा करवाते हैं। खास बात यह है कि यह कार्य वह 34 प्राचीन काल से कर रहे हैं। गाँव के लोग भी इसमें चढ़ कर भाग लेते हैं।

वैसे तो शारदीय नवरात्रि पर्व पर नौ देवियों की स्थापना होती है। लेकिन इमलाई गांव एक ऐसा गांव है जहां भारतमाता को विराजित कर कई दिनों तक भारतमाता की पूजा की जाती है। इसके पीछे इतनी बड़ी बात है कि पहले गांव के लोगों में एक भ्रांति फोटो छपी थी कि अगर कोई भी व्यक्ति नवरात्रि में देवी प्रतिमा की स्थापना करता है, तो उसके परिवार में किसी भी व्यक्ति की गमी हो जाती थी। जिसके बाद दीपक के मन में विचार आया कि क्यों न गांव वालों और युवा पीढ़ी में देश प्रेम की भावना की अलख जगाई जाए। इसके अलावा दीपक भी सेना में जाना चाहते थे लेकिन कुछ वजहों से बस उनका सपना सिर्फ सपना ही रह गया, लेकिन दीपक ने गाँव वालों की नज़र से अंधकार का परदा 1989-90 से हर साल शारदीय नवरात्रि में भारतमाता की प्रतिमा की स्थापना हुई। करीब 34 साल पहले भारतमाता की प्रतिमा की स्थापना हो रही है।

दशहरा पर्व पर मिसाइलों की हुंकार निकाली जाती है…
जानकारी के लिए बता दें कि दीपक ने भारतमाता की प्रतिमा की स्थापना तो करवा दी, इसके अलावा जब नौ देवी प्रतिमाओं का विसर्जन किया गया तब भारतमाता की प्रतिमा के आगे-आगे मिसाइलों की हुंकारियां निकाली गईं जो हमारी युवा पीढ़ी में उत्साह की पुष्टि का काम करती हैं हैं. दीपक साहू ने बताया कि उनकी सपना सेना में भर्ती का जो पूरा नहीं हुआ तो वे पिछले 36 साल से देश में प्रेम की भावना जगने का काम कर रहे हैं। शारदीय नवरात्रि पर लोग माँ दुर्गा की स्थापना करते हैं, मगर दीपक साहू भारत माता की हुँकी की स्थापना करते हैं। भारत के स्वदेशी सैन्य उत्पादों के समूह और लोगों को देश के प्रति अनुसंधान करने के लिए आमंत्रित किया जाता है। स्वदेशी सैन्य नावों के अवशेष की हुँदी आधारशिलाएँ हैं और उनके प्रदर्शन करने के लिए आरक्षित हैं।

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पहले प्रकाशित : 23 अक्टूबर, 2023, 21:45 IST



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