आशीष कुमार/पश्चिम चंपारण. असल में हम सभी लोग अक्सर पानी का सेवन कम कर देते हैं। कम पानी पीने से हम लोग किसी तरह की चुनौती का शिकार हो जाते हैं। पूर्वी सीज़न में सबसे अधिक समस्या शुष्क त्वचा की है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि सही मात्रा में पानी पीने से हमें शुष्क त्वचा की परेशानी नहीं होगी। आइए जानते हैं समुद्र के मौसम में हमें किस प्रकार के पानी के पौधे चाहिए और इसके फायदे क्या-क्या हैं।
पानी पीने के आदर्श पैमाने के लिए
डॉ. देवेश चटर्जी कहते हैं कि समुद्र में हमारी त्वचा सूखी हो जाती है। इसके पीछे सबसे बड़ा कारण है कम पानी की बौछार। जब हम अपने शरीर की जरूरतों के मुताबिक पानी नहीं लेते हैं तो पसीना काफी बड़ा झटका हो जाता है। इसलिए एक साधारण आदमी को समुद्र में ढाई से तीन लीटर पानी अवश्य मिलना चाहिए। अगर ऐसे लोग करते हैं, जो कार्डियक फेलियर, किडनी फेलियर और प्रोटोटाइप फेलियर से सीख रहे हैं, तो उन्हें एक से डेढ़ इंच मजबूत पानी ही मजबूत बनाना चाहिए। हालाँकि वर्तमान स्थिति के अनुसार डॉक्टर की सलाह अति आवश्यक है।
10 फीसदी पानी की कमी से मिलती है प्यास
हमारे शरीर का करीब 60% हिस्सा पानी है और हर दिन शरीर से 2.5 किलोलीटर पानी बाहर की ओर निकला होता है। शरीर में 10 प्रतिशत पानी की कमी होती है। सुबह से लेकर रात में सोने तक वाटर प्लांट हेल्थमंद में रहना जरूरी है। पानी पंप कब, कैसे और कैसे करें, इसकी जानकारी जरूरी है। आयुर्वेद के अनुसार, सुबह उठने के बाद खाली पेट पानी की दुकान आपको गोदाम में रखने में मदद करती है।
3 लीटर पानी का सेवन जरूरी
वैसे तो हर किसी को लगभग 8 से 10 गिलास पानी पीना जरूरी है, ताकि शरीर और पानी का मिश्रण बना रहे। लेकिन शरीर में पानी की जरूरत उम्र, लिंग, लचीलापन और सक्रियता में अलग-अलग होती है। उनके अनुसार अगर शरीर को पानी नहीं मिला तो स्वाद दूसरी तरह का होता है। समुद्र तट में नाम मात्र का पानी ही नहीं है, बल्कि गुनगुना पानी का ढांचा बहुत बड़ा है।
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क्या करें आपका पानी नहीं चाहिए?
आपने कई लोगों से सुना होगा कि पानी का तीखा पानी नहीं चाहिए, पानी चौबा-चबाकर खाने की तरह का ढांचा नहीं होना चाहिए। इस बारे में जब हमने डॉक्टर से पूछा तो उन्होंने कहा कि ऐसा उन्होंने कहीं नहीं पढ़ा है। असली दौड़ में तो घोड़े दौड़ते हुए भी पानी खरीदते हैं। उन्होंने इतना जरूर कहा कि पानी पीने से परेशानी हो सकती है।
किडनी पर असर होता है
बकौल डॉ. देवेश, कम पानी पीने की वजह से किडनी पर गंभीर असर पड़ता है। साथ ही किडनी में पथरी का बढ़ना भी जारी रहता है। किडनी ठीक से काम करे, इसके लिए पानी बेहद जरूरी है। जब शरीर में पानी की कमी हो जाती है, तो किडनी को सबसे ज्यादा नुकसान होता है। इस कारण से यूरिनरी ट्रैक इंफेक्शन या ट्रैक में जलन की शिकायत होती है।
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शरीर ख़राब होना
शरीर में जब पानी की कमी होती है तो शरीर धीरे-धीरे पतला होने लगता है। पानी की कमी का असर शरीर पर पूरी तरह से पड़ता है। पानी की कमी के कारण शरीर में थकान भी महसूस होती है। इसके पीछे कारण यह है कि खून को ठीक से ऑक्सीजन नहीं मिलता है। इसके अलावा कब्ज, निर्जलीकरण और थकान की परेशानी भी हो सकती है।
एक दिन में इतना पानी
डॉक्टर देवेश कहते हैं कि एक दिन में 8 से 10 गिलास पानी जरूर पियें। कई लोग इससे ज्यादा पानी पीते हैं, क्योंकि हर व्यक्ति का शरीर अलग-अलग मजबूत होता है। ग्लास से पानी पीने के लिए ऐसा कहा जाता है, तो याद रहे कि अब तक आपने ग्लास से पानी कैसे पिया है। इसलिए हमेशा इस बात पर ध्यान दें कि शरीर में पानी की सही मात्रा होना बेहद जरूरी है।
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पहले प्रकाशित : 24 अक्टूबर, 2023, 06:16 IST
