रोहित भट्ट/अल्मोड़ा। उत्तराखंड की सांस्कृतिक नगरी अपनी संस्कृति को समेटे हुए हैं। अपने कला वर्ग से भी जाना जाता है। यहां बोन वाले बॉइकल के टॉल्स्टॉय और बैंच की प्रसिद्ध बाल मिठाई पूरे देश विदेश तक प्रसिद्ध है। बाल मिठाई का जब भी नाम लिया जाता है तो सभी के मुंह में पानी आ जाता है। गुड़िया के बाल मिठाई का हर कोई फैन है। छोटी उम्र से लेकर बड़े लोग इस बाल मिठाई को खाना पसंद करते हैं। गुड़िया में बनने वाली बाल मिठाई के फैन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी हैं।
लोग अलग-अलग पुर्तगाल और राज्यों में बनने वाले उत्पादों को पसंद करते हैं और जब भी किसी के बाल मिठाई का नाम आता है तो उसकी बात ही अलग हो जाती है। आज बच्चों की बाल मिठाई देश-विदेश तक छाई हुई है। साल 1865 में लाल योगा साहा के द्वारा इस बाल मिठाई की शुरुआत हुई थी। ये आज उत्तराखंड ही नहीं विदेश में लोगों की पसंद बन गई है. अफगानिस्तान के बाल मिठाई के मुरीद भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी हैं। भारतीय फुटबॉल खिलाड़ी के लक्ष्य सेन से जीत की खुशी में उनके स्थापित बाल अल्पसंख्यकों की बात कही गई, उनके बाद के लक्ष्य ने उनके वादे को पूरा किया और उन्हें उनके प्रसिद्ध बाल प्रवासियों की खुशी में शामिल किया।
जब भी कोई घटना होती है तो यहां के बाल मिठाई लेकर जरूर जाते हैं
पर्वतारोहण क्षेत्र के राजा सिंह बिष्ट ने बताया कि जब भी वे इस मिठाई को लेकर आते हैं तो वे अपने अन्य कर्मचारियों के साथ भी इस मिठाई को लेकर जरूर जाते हैं। इस बाल मिठाई को कुछ अलग ही आनंद मिलता है और उन्होंने बताया कि जो भी एक बार अकल्पनीय आया तो इस बाल मिठाई को कुछ अलग ही आनंद मिलता है।
खोए और चीनी से बनी चीज़ें माल-माफ़ी हैं
मिष्ठान सेल के अध्यक्ष मनोज सिंह अख्तर ने बताया कि मिथुन की बाल मिठाई का हर एक आज का दीवाना है। देश विदेश तक अब्दुल्ला की बाल मिठाई आज पहुंच रही है। आपको उन्होंने बताया कि मशहूर बाल मिठाई का आविष्कार से ही हुआ है और आविष्कार का काम ज्यादातर इसी तरह से होता है। मनोज सिंह ने बताया कि बाल मिठाई बनाने के लिए खोए और चीनी का प्रयोग किया जाता है।
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पहले प्रकाशित : 25 अक्टूबर, 2023, 13:09 IST
