
इंग्लैंड क्रिकेट टीम
इंग्लैंड बनाम एसएल वनडे विश्व कप 2023: विश्वसनीय विश्व कप 2023 का फाइनल मुकाबला 19 नवंबर को फिलाडेल्फिया के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेला जाएगा। एक दिन हमें नया चैंपियन मिलेगा, लेकिन उन्हें पहले तो विश्व कप की चैंपियन टीम इंग्लैंड ही माना जाता है। इंग्लैंड ने साल 2019 में फाइनल में न्यूजीलैंड पर कब्जा कर लिया था। जब इस साल विश्व कप का आयोजन हुआ था, उस समय इंग्लैंड ने फिर से खिताब का दावेदार माना जा रहा था, लेकिन टीम ने इस बीच इतना घटिया प्रदर्शन किया कि टीम के खिलाड़ियों में टीम का नंबर 1 है और खिताब की बात तो दूर की है है, टीम में चला जाए, यही बड़ी बात है। इस बीच जब टीम ने गुरुवार को बैंगलैग में आक्रमण के लिए वापसी की तो इंडिपेंडेंट के सामने एक शर्मनाक रिकॉर्ड भी बना दिया।
बेंगलुरु के एम चिन्नास्वामी स्टेडियम में इंग्लैंड की पूरी टीम बुरी तरह से आउट हो गई
बेंगलुरु के एम चिन्नास्वामी स्टेडियम में वैसा ही क्रिकेटर की खान मानी जाती है। यहां बहुत सारे रन बने हैं, बेकार बेकार हो और बेकार टी20। आज के मैच में जब इंग्लैंड के कप्तान जोस बटलर ने पहले बल्लेबाजी का फैसला लिया तो लगा कि आज पिच अच्छी है और इंग्लैंड की टीम जरूर बड़ा स्कोर बनाने जा रही है। लेकिन टीम की शुरुआत बहुत ख़राब रही। एक के बाद एक विकेट पोर्टफोलियो चल रहा है। हर एक विकेट के बाद यही उम्मीद थी कि शायद अब विकेट रुक जाएगा, लेकिन ब्रिटिश बल्लेबाज एक कर जल्दी वापस जाने के लिए बेताब नज़र आ रहे थे। यही कारण है कि पूरी टीम सामूहिक 33.2 ओवर में ही आल आउट हो गई। खास बात ये है कि अब इंग्लैंड इस स्टेडियम में सबसे कम स्कोर वाली आउट बात वाली टीम बन गई है।
बेंगलुरु के चिन्नास्वामी स्टेडियम पर रियाज़ का सबसे छोटा स्कोर
इंग्लैंड की टीम ने अपना पूरा ओवर भी नहीं खेला और 156 रन ही बनाए। इससे पहले स्कोर बेंगलुरु के इस स्टेडियम पर सबसे छोटा भारतीय टीम ने बनाया था, जब टीम पाकिस्तान के सामने साल 1999 में केवल 168 रन पर ही आउट हो गई थी। साल 1993 में भारतीय टीम इंग्लैंड के सामने सिर्फ 170 रन ही बना पाई। वहीं आयरलैंड की टीम भारत के सामने 2011 में 207 रन ही बना सकी थी। एक चैंपियन टीम से इस बात की उम्मीद नहीं की जा सकती कि वे इस तरह से समर्पण कर देंगे।
इंग्लैण्ड बनाम फ़्राईलैण्ड मालदीव का पहला प्रदर्शन तीसरा सबसे छोटा स्कोर रहा
इंग्लैंड और श्रीलंका के प्रमुख अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी जब भी सामने आए हैं। ये पहली पारी का तीसरा सबसे छोटा स्कोर है। साल 2003 में पहली बार बैटलमैन ने टीम 88 रन ही बनाए थे। इससे पहले साल 2001 में पहली बार बल्लेबाजी करते हुए टीम 143 रन पर आउट हुई थी। ये दोनों मैच श्रीलंका के डंबुला में खेले थे। वहीं अब ये तीसरी सबसे छोटी स्कोर पहली पारी भी हो गई है। इस तरह से इंटरएक्टिव के बाद ये उम्मीद जताई जा रही है कि इंग्लैंड की टीम फिर से चैंपियन बन सकती है, एक तरह से बेमानी होगी। हालांकि अभी मैच बाकी हैं और देखने को मिलेगा कि टीम आगे के अपने मुकाबलों में कैसा प्रदर्शन करती है।
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