एम्स नई दिल्ली: फुल इंडिया के ऑल इंडिया इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज को बेहतर मेडिकल सुविधा देने के साथ ही हॉस्पिटल में बेहतर निर्देश के लिए जाना जाता है। यहां तक कि अस्पताल में साफ-सफाई से लेकर खाना बनाना और पकाना नहीं है, इसे लेकर पिछले कुछ महीनों में पाबंदियां लागू की गई हैं। न केवल एक अस्पताल की कैंटीन में समोसे-कचौरी और सात-भुनी भोजन पर प्रतिबंध लगाकर मिलेट आधारित नामांकित भोजन को जोड़ने के निर्देश दिए गए हैं, जबकि कुछ भोजन पर प्रतिबंध भी लगाया गया है। हालांकि एक फैक्ट्री में एक चीज को खाने पर प्रतिबंध लगा दिया गया था और पुराने सामान का उल्लघंन करने वाले दो सौ से अधिक कर्मचारियों को पकड़ा गया है।
इन सभी कर्मचारियों से 200-200 बार माफ़ीनामा भी लिखा गया है। इसके साथ ही एक पत्र में निदेशक एम. एल. सी. एल. का नाम भी लिखा गया है और सीक्वल की अधिसूचना भी दी गई है कि अगर इन्होने आगे से ऐसी गलती की है तो इन दोनों अ क्लिनिकल से हमेशा के लिए आउटलुक भी कर सकते हैं।
ये था मामला
ऑल इंडिया रेडियो डायट ऑफ मेडिकल साइंसेज में डिपार्टमेंट ऑफ रेडियो डायकोनोसिस एंड इंटरवेंशनल रेडियोलॉजी में एएसआई नाम के प्रोफेसर डॉ. पराजय सिंह माले अटेच्टों को कुछ दिन पहले ही एम प्लांट में तंबाकू के सामान पर प्रतिबंध लगा दिया गया था। एम शोरूम में तंबाकू फ्री जोन की घोषणा की गई थी और चेतावनी जारी की गई थी कि अगर एम सुपरमार्केट में किसी भी तरह का तंबाकू रहित कर्मचारी बीड़ी, सीताफल, सिलिकॉन, खैनी या गुटखा खाता हुआ पाया जाता है तो उसे अस्पताल से बाहर कर दिया जाए। वहीं अगर सुपरस्टाराई स्टाफ ऐसा करता है तो उसे पहली बार चेतावनी दी जाए और अगली बार गलती पर हटा दिया जाए। तभी से हॉस्पिटल में मॉनिटरिंग की जा रही है।
एम एम में फार्मासिस्ट वाले कर्मचारियों को अस्पताल से बाहर करने के निर्देश दिए गए हैं।
डॉ. मालदी का कहना है कि पिछले करीब दो महीने से क्लीनिक में करीब 250 कर्मचारियों को गुटखा, खैनी या सिगरेट या बीड़ी-सिगरेट पकड़ा गया है। इन सभी से 200-200 बार माफ़ीनामा लेखक लिया गया है।
माफ़ीनामा में लिखी ये बात
डॉ. मालही का कहना है कि इन कर्मचारियों से 200-200 बार हाथ से माफ़नामा में ये लिखावट की जा रही है कि ज्यादा, खैनी खाने से कैंसर हो जाता है। जैविक भोजन के लिए विक्रय है। इसे खाना नहीं चाहिए. पकड़े गए करीब 50 कर्मचारियों से अभी तक ऐसा लिखा गया है। वहीं एक अनमोल लैटर भी लिखा गया है कि अगर फिर भी कुछ खाता पकड़ा गया तो तत्काल अक्ल अस्पताल से हटा दिया गया।
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पहले प्रकाशित : 28 अक्टूबर, 2023, 20:56 IST
