आशीष कुमार/पश्चिम चंपारण. प्राचीन काल से ही गिलोय का प्रयोग औषधि के रूप में किया जाता रहा है। अमृत जैसे गुण होने के बावजूद भी ज्यादातर लोग गिलोय की पहचान ठीक से नहीं कर पाते हैं। असल में, इसके इंकलाब का आकार पान के जैसा होता है, जो गहरे हरे रंग के होते हैं। खास बात यह है कि औषधीय होने के साथ-साथ तीन पत्तियों की सजावट की बातें भी होती हैं।
इस कारण से इसका उपयोग सजावटी औषधियों के रूप में भी किया जाता है। विशेषज्ञ इस उपकरण को अमृत के नाम से बताते हैं। इसके अलावा गुडूची, अमृता आदि द्वीप भी जाना जाता है। आज हम आपको बताएंगे इस खास उपाय की कुछ ऐसी बातें, जिसे देखने के बाद गिलोय आपके जीवन का अहम हिस्सा बन जाएगी।
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बुखार के साथ कई दवाओं का प्रयोग
पश्चिम चम्पारण जिले में गिलोय की भरमार है। ऐसे में बहुत से लोग इसका इस्तेमाल करते हैं, लेकिन कुछ लोग ऐसे भी होते हैं जो इसके औषधीय गुणों से बिल्कुल अस्वाभाविक होते हैं। असल में, गिलोय का उपयोग बुखार के साथ-साथ उच्च रक्तचाप, खांसी, कब्ज, खांसी, चर्म रोग और शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने के लिए किया जाता है।
खास बात यह है कि यह बेल जिस भी पेड़ पर चढ़ा हुआ है, उसका औषधीय गुण खुद में समाहित है। ऐसे में नीम के पेड़ पर चढ़े गिलोय का गुण काफी बढ़ जाता है। इस वजह से इसके डिजायन मार्केट में कई गुना ज्यादा समानता है।
यह एक विशेष सुविधा है
बकौल शुभम्, गिलोय में गिलोइन नामक ग्लूकोसाइड और टीनोस्पोरिन, पामेरिन और टीनोस्पोरिक एसिड पाया जाता है। इसके अलावा गिलोय में कॉपर, आयरन, फास्फोरस, पाइजन, कैल्शियम और मैगनीज भी प्रचुर मात्रा में मिलते हैं। चनपटिया में आयुर्वेद के अनुसार आयुर्वेद के अनुसार आयुर्वेद के अनुसार गिलोय के गुण, गुण और गुण बहुत सारे हैं। लेकिन अचूक इलाज में सबसे ज्यादा इस्तेमाल गिलोय का तने या अर्क से होता है।
गिलोय में बहुत अधिक मात्रा में एंटीऑक्सीडेंट पाये जाते हैं। साथ ही इसमें एंटी-इंफ्लेमेटरी जैसे गुण भी होते हैं। इस कारण से बुखार, पीलिया, गठिया, दस्त, कब्ज, एसिडिटी, अपच, मूत्र संबंधी रोग आदि के लिए अचूक उपाय है। हालाँकि किसी भी नई चीज़ का इस्तेमाल करने से पहले आपको डॉक्टर की सलाह जरूर लेनी चाहिए।
गिलोय के फायदे
1. गिलोय पाचन में मदद करता है। विशेष रूप से कब्ज की समस्या में यह काफी बढ़िया है।
2. यह लाश के लिए भी गुणकारी है, क्योंकि यह लाश की निशानी को कम करती है।
3. गिलोय लिवर रोग को दूर करने में भी काफी सहायक है।
4. साथ ही यह यूटीआई (यूरिनरी इंजेक्शन) से भी राहत है।
5. लोगों के शिकार के लिए गिलोय काफी लोकप्रिय है।
6. गिलोय रोग उपकरण क्षमता बढ़ाने में भी सहायक है। साथ ही यह खून को साफ करता है।
7. अगर आप गठिया का शिकार हैं, तो गिलोय से जुड़ा हुआ है।
8. यह दाग-धब्बों, फाइन लाइन्स, पिंपल्स और स्कर्ट को कम करके त्वचा की प्राकृतिक बनाए रखने में मदद करता है।
(नोट- गिलोय का सेवन डॉक्टर के परामर्श के अनुसार ही करें)
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पहले प्रकाशित : 29 अक्टूबर, 2023, 14:12 IST
