रिपोर्ट- मृतक आज़मी/मॉडल। सुहागिन महिलाओं के सेल परिधान में चू आभूषण भी शामिल होते हैं, अन्य महिलाएं अलग-अलग तरह की चू आभूषण पसंद करती हैं। अगर आप अभी भी लाखों की चूड़ी खरीदते हैं, तो आज हम आपको दिखाते हैं कि किस तरह से लाख की चूड़ी (चूड़ी बनाने का वीडियो) बनाया गया है। महिलाओं के हाथों की खूबसूरती बढ़ाने वाली चू के पेड़ से प्राप्त होने वाले गोंद से भी बने होते हैं, जिन्हें लाख कहा जाता है। राजस्थान में कई सदियों से ये चूल्हे बनाए जा रहे हैं। राजस्थान की गुलाबी नगरी जयपुर से उत्तराखंड की राजधानी काठ (देहरादून समाचार) के ‘मास्टर क्राफ्ट मैन’ इस्लाम अहमद ने ‘लोकल 18’ से बातचीत में बताया कि राजस्थान में लाख की चूड़ियाँ का विशेष महत्व है। प्रत्येक मांगलिक कार्य पर महिलाएं क्वेश्चन पहने होती हैं। उन्होंने बताया कि राजस्थान में भी लाख की चूड़ियाँ बहुत पवित्र मानी जाती हैं क्योंकि यह कला और चू चूड़ियाँ पिछले 300 वर्षों के इतिहास से चली आ रही हैं। उन्होंने बताया कि वह लाख की चूड़ियाँ के ‘मास्टर क्राफ्ट मैन’ हैं। इसका मतलब यह है कि वह नेशनल ऑफ इंडिया के टेक्सटाइल मंत्रालय से उद्यमी हैं। उनके सात पुस्ते इस काम से जुड़े हुए हैं और उन्हें यह कला अपनी विरासत से मिली है। उन्होंने इस कला को बचाए रखा है।
इस्लाम में लिखा है कि उन्हें भी लाख की चू आंख वाली छड़ी 42 साल हो गई है, इसलिए वह अब पांच मिनट में एक चूड़ी बना देते हैं। उन्होंने बताया कि वह पिछले तीन साल से विरासत महोत्सव देहरादून में आ रहे हैं। कंपनी के लोग हैंडीक्राफ्ट लवर हैं, इसलिए लोग उन्हें काफी उत्सुकता से देखते हैं और उन्हें बहुत अच्छा लगता है जब लोग उनके इस साहस की शोभा बढ़ाते हैं। उन्होंने बताया कि लाख एक ओरिजिनल अर्जेनिक मैटरियल होता है, जो ट्री के छात्र सेगोंडा के रूप में प्राप्त होता है।
चित्र में आपके हाथ का आकर्षण दर्शाया गया है
‘लोकल 18’ को दी गई जानकारी में ‘मास्टर क्राफ्ट मैन’ इस्लाम अहमद ने बताया कि वह भारत के पहले हस्त शिल्पकार हैं, जो फ्रांस में आयोजित होने वाले इंटरनेशनल कांस फिल्म फेस्टिवल में अपनी इस कला का प्रदर्शन किया था। इस फेस्टिवल में जहां बॉलीवुड की कई एक्ट्रेसेस का जलवा रेड कारपेट पर नजर आया, वहीं उन्होंने देश की पारंपरिक कला को ब्रांड बनाया। उन्होंने लगातार दो साल तक लाइव रहकर लोगों का मनोरंजन किया है। अब तक उन्होंने 14 देशों में अपने इस मेगा को प्रदर्शित किया है और केंद्र सरकार के सहयोग से वह हमारी इस कला को मंच तक पहुंचा रहे हैं। उनके पास चूड़ी का सेट 150 रुपये से 500 रुपये तक है।
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पहले प्रकाशित : 3 नवंबर, 2023, 15:12 IST
