ईशा बिरोरिया/ऋषि:विश्व प्रसिद्ध योग नगरी विश्वनाथ योग और ध्यान के लिए भी प्रसिद्ध है। इसे चार धामों का मुख्य द्वार भी कहा जाता है। सबसे पहले ये चार धाम का पैदल मार्ग निकला करता था। वहीं अभी भी लोग चार धाम यात्रा की शुरुआत करते हैं। खान पान की तो ज्यादातर अवशेष और चार धाम यात्री यहां बार-बार ऐसी जगहों की तलाश में रहते हैं जहां उन्हें बिना लहसुन प्याज के स्वादिष्ट सात्विक भोजन मसाले दिए जाते हैं। अगर आप भी किसी ऐसी ही जगह पर घूमने आए हैं तो वहां जाएं वहां के अवशेष, जहां आप जाते हैं और ऐसी ही किसी जगह की तलाश में हैं।
चोटीवाले की प्रसिद्ध सात्विक थाली
चोटोवाला रेस्तरां पिछले 65 ईसा पूर्व से तीर्थराज के स्वर्गाश्रम के नजदीक स्थित है। यहां की है पहचान यहां मिलते हैं सात वालेविक आहार और यहां मौजूद हैं रोटीवाले बाबा। लोक 18 के साथ हुई बातचीत के दौरान इस रेस्तरां के मालिक शैलभ अग्रवाल ने कहा कि इस रेस्तरां की स्थापना 1958 में उनके दादाजी लाइट हरस्वरुप अग्रवाल द्वारा की गई थी और देखते ही देखते इस रेस्तरां को 60 साल पूरे हो गए हैं। देश विदेश से पर्यटन यहाँ यात्रा करने के लिए आते हैं। वे सबसे पहले कहते हैं कि जो भी व्यक्ति प्राचीन ऋषि आया होगा उसे रोटीवाला जरूर याद होगा। इससे ये बात साबित होती है कि रोटीवाला फिल्म के मन में अपनी छाप छोड़ने में सफल हो रहे हैं।
65 मूल से पवित्र है स्वाद
शैले कहते हैं कि लेट हरस्वरुप अग्रवाल ने सभी को सात्विक आहार और घर जैसा स्वाद सिखाने के लिए इस रेस्तरां की शुरुआत की, और अभी भी वो स्वाद बराकर है। यहां सभी लोगों को मिलने वाली सात्विक थाली काफी पसंद आती है जिसमें मिक्स वेज, मटर पनीर, रोटी, पापड़, रायता, केक, कढ़ी, दाल और साथ में मीठी चीजें भी शामिल हैं. वे यहां खाना पकाने का समय सिखाते हैं, यहां स्वच्छता का विशेष ध्यान दिया जाता है। स्वाद के साथ ही बाहर दिए गए चोटी वाले बाबा सभी रंगों को अपने ओर आकर्षित करने आए हैं। लंदन के काफी खतरनाक राइजिंग आइना रीना बताती हैं कि इस रेस्तरां के बारे में लोगों ने सुना था कि यहां का खाना उन्हें और यहां का खाना काफी स्वादिष्ट लगता है।
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पहले प्रकाशित : 3 नवंबर, 2023, 15:12 IST
