शाश्वत सिंह/झाँसीः आईवीएफ (आईवीएफ) से जुड़ी लोकल 18 की खास सीरीज में अभी तक आपको मिल के कई सवालों के जवाब दिए गए हैं। आईवीएफ कैसे होता है, हर बार जुड़वाँ बच्चे क्या होते हैं, खर्च और दर्द के अनुभव के बारे में आपने जान लिया है। आईवीएफ प्रक्रिया से योग के बाद अगर महिला गर्भवती होती है तो वह अपनी सेहत का सवाल कैसे उठाती है यह एक बड़ा सवाल बन जाता है।
आईवीएफ प्रक्रिया से गर्भवती महिला को क्या खाना चाहिए। आईवीएफ बास्केटबॉल डॉ. रामिता अग्रवाल ने बताया कि गर्भावस्था के दौरान प्रोटीन स्तर में वृद्धि होती है। आईवीएफ के दौरान विशेष रूप से प्रोटेस्ट्रोन लेवल स्केल भी होता है।
इसका असर यह हुआ कि जिस वजह से गैस और एसिडिटी की समस्या बढ़ती है। इस वजह से भूख भी नहीं लगती, उल्टी होती रहती है। ऐसी अवस्था में महिला को बहुत अधिक तलना नहीं चाहिए। ऐसा खाना जो आसानी से पच सके।
स्तनपायी और स्ट्रेस ना लें
डॉ. आयोडीन ने बताया कि भोजन में अनाज की मात्रा को कैसे बढ़ाया जाए। अपने भोजन में खीरा, हरी सब्जी और फल शामिल करें। घर का बना खाना ही स्थिर. इसके साथ ही नियमित रूप से ग्राहक बने रहें। गर्भावस्था के दौरान आईआईएफ की सबसे बड़ी मांग यह है कि आप बिल्कुल भी चिंता न करें। खुद को तनावमुक्त रखें और खुश रहें।
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पहले प्रकाशित : 4 नवंबर, 2023, 14:06 IST
